डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय का द्वादश दीक्षांत समारोह सम्पन्न, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की अध्यक्षता

- शालिनी शर्मा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में आज डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ का द्वादश दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ संपन्न हुआ। समारोह में 1,803 विद्यार्थियों को विभिन्न उपाधियाँ प्रदान की गईं, जबकि 143 मेधावी छात्रों को कुल 166 पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें 76 पदक छात्राओं और 67 पदक छात्रों को दिए गए, साथ ही 27 दिव्यांग विद्यार्थियों को भी पदक प्रदान किए गए।
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए डिग्रियों को डिजीलॉकर पर ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया का औपचारिक शुभारंभ भी किया।

दिव्यांगजनों के लिए विशेष पदक श्रेणियों की शुरुआत
राज्यपाल ने अपने संबोधन में बताया कि उनके सुझाव पर विश्वविद्यालय में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए कुलाधिपति स्वर्ण पदक, मुख्यमंत्री स्वर्ण पदक और कुलपति स्वर्ण पदक जैसी नई श्रेणियाँ आरंभ की गई हैं, जिससे अब दिव्यांग छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित होने का समान अवसर मिल रहा है।
उन्होंने विश्वविद्यालय को समावेशी शिक्षा का आदर्श स्थल बताते हुए कहा कि यह एशिया का एकमात्र संस्थान है जहाँ सामान्य और दिव्यांग विद्यार्थी एक समान मंच पर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय पहचान और अकादमिक उपलब्धियाँ
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि संस्थान को नेचर इंडेक्स रैंकिंग 2025 में भारत में 162वाँ, रसायन विज्ञान में 139वाँ, और बायोलॉजिकल साइंस में 59वाँ स्थान मिला है। उन्होंने अमेरिका, आयरलैंड, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और आईआईटी बीएचयू के साथ हुए अकादमिक सहयोगों की भी सराहना की।
दिव्यांगजनों के लिए नवाचार और खेलों में उपलब्धियाँ
राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा दिव्यांगजनों के लिए विकसित “सुगंध पथ” जैसे अभिनव प्रयोगों की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा पैरा ओलंपिक बैडमिंटन प्रशिक्षण केंद्र के रूप में चुना गया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि दिव्यांगजन आयुक्त, भारत सरकार श्री एस. गोविंद राज के तीन दशकों से दिव्यांग सशक्तिकरण के क्षेत्र में योगदान की सराहना की गई।

समाज सेवा और स्वच्छता पखवाड़ा पर बल
राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह के अवसर पर विश्वविद्यालय और जिला प्रशासन लखीमपुर खीरी के सहयोग से 300 आंगनबाड़ी किट का वितरण किया, जिससे जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को सशक्त किया जा सकेगा। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस (17 सितम्बर) से आरंभ होने वाले “स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा” में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
राज्यपाल ने महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए 4 वर्षीय छात्रा अनन्या के भाषण की सराहना की और कहा कि महिलाओं को सम्मान देना और उन्हें सशक्त बनाना देश की प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
आगामी लक्ष्यों की रूपरेखा
राज्यपाल श्रीमती पटेल ने विश्वविद्यालय से यूजीसी श्रेणी-1 दर्जा प्राप्त करने, नैक (NAAC) और एनआईआरएफ (NIRF) रैंकिंग के लिए गंभीर प्रयास करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने दिव्यांग छात्रों के लिए विशेष कक्षाओं के संचालन की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव भी दिया।
समारोह का समापन दीक्षांत स्मारिका के विमोचन के साथ हुआ। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय प्रशासन, संकायाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को इस गौरवशाली आयोजन के लिए बधाई दी और सभी को देश और समाज की सेवा में योगदान देने का आह्वान किया।



