‘बंटी और बबली’ के बाद कानपुर में सुधीर मिश्रा की फिल्म की शूटिंग, आनंद बाग, पी रोड और धनकुट्टी बने प्रमुख लोकेशन; स्थानीय कलाकारों को मिला हुनर दिखाने का मौका
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। औद्योगिक नगरी कानपुर अब धीरे-धीरे फिल्म निर्माताओं की पसंद बनती जा रही है। ‘बंटी और बबली’ जैसी चर्चित फिल्मों के बाद अब शहर की ऐतिहासिक गलियों में मशहूर निर्देशक सुधीर मिश्रा की फिल्म ‘गांधी एंड माय मदर’ की शूटिंग की जा रही है। फिल्म की शूटिंग से शहर के पुराने इलाके एक बार फिर बॉलीवुड के रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। आनंद बाग, पी रोड और धनकुट्टी जैसे क्षेत्रों में फिल्म के महत्वपूर्ण दृश्य फिल्माए गए हैं।
निर्माता अनुभव सिन्हा और नरेंद्र हिरावत के बैनर तले बन रही इस पीरियड ड्रामा फिल्म का तीन दिवसीय शूटिंग शेड्यूल हाल ही में रात के समय संपन्न हुआ। कानपुर के पुराने मकान, संकरी गलियां और ऐतिहासिक परिवेश फिल्म के दृश्यों को वास्तविकता के करीब लाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म के माध्यम से शहर की पुरानी विरासत और ऐतिहासिक माहौल बड़े पर्दे पर देखने को मिलेगा।
फिल्म की कहानी वर्ष 1946-47 के दौरान बंगाल में हुई सांप्रदायिक हिंसा, नोआखली दंगों और कलकत्ता नरसंहार की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से जुड़ी है। जब 15 अगस्त 1947 को देश आजादी का जश्न मना रहा था, उस समय महात्मा गांधी सांप्रदायिक हिंसा को शांत कराने और आपसी सद्भाव स्थापित करने के प्रयासों में जुटे थे। फिल्म में इसी ऐतिहासिक दौर और गांधीजी के शांति प्रयासों को पर्दे पर जीवंत करने की कोशिश की जा रही है।
फिल्म के कॉर्डिनेटर अमानुर रहमान के अनुसार, फिल्म में मनोज बाजपेयी, सौरभ शुक्ला, वहीदा रहमान और दिव्या दत्ता जैसे कलाकार नजर आएंगे। मनोज बाजपेयी फिल्म में महात्मा गांधी की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म की शूटिंग में मुंबई और बंगाल से आए कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
शूटिंग के दौरान पीएफसी फिल्म्स के उभरते कलाकार अंशु कुमार ने धमाके में घायल होने का एक प्रभावशाली दृश्य फिल्माया। वहीं, स्थानीय रंगकर्मी और बॉलीवुड अभिनेता राजेंद्र कुमार राज ने आंदोलन तथा गांधीजी के शांति मिशन से जुड़े दृश्यों में अभिनय किया। उनके साथ अन्य कलाकारों ने भी फिल्म के विभिन्न दृश्यों में हिस्सा लिया।
इस फिल्म की शूटिंग कानपुर के स्थानीय कलाकारों और रंगकर्मियों के लिए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बनकर सामने आई है। फिल्म में मृदुल दुबे, आकाश दुबे, अंशु कुमार, हिमांशु निषाद, राजा सिंह, प्रशांत, ऋषभ सिंह, चांद, मनोज त्रिवेदी और संजय त्रिवेदी सहित कई स्थानीय कलाकारों ने अभिनय किया है।
अभिनेता राजेंद्र कुमार राज के मुताबिक, कानपुर में लगातार फिल्मों की शूटिंग होने से स्थानीय कलाकारों को नए अवसर मिल रहे हैं। इससे न केवल कलाकारों को पहचान मिल सकती है, बल्कि शहर में रोजगार और पर्यटन की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिल सकता है। स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म उद्योग से जुड़ने का अवसर मिलने से कानपुर की सांस्कृतिक पहचान को भी नई दिशा मिल रही है।
कानपुर की ऐतिहासिक गलियों और पुराने इलाकों का बड़े पर्दे पर नजर आना शहर के लिए खास उपलब्धि माना जा रहा है। फिल्म ‘गांधी एंड माय मदर’ की शूटिंग ने एक बार फिर यह दिखाया है कि कानपुर का ऐतिहासिक परिवेश फिल्म निर्माताओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है। आने वाले समय में शहर में फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।


