
11 से 20 अक्टूबर तक आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम, 640 ग्राम प्रहरियों को किया गया सम्मानित; साइबर सुरक्षा, करियर मार्गदर्शन और महिला अधिकारों पर दिया गया जोर
- ऋषभ मिश्रा
प्रयागराज। महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज में मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत 11 से 20 अक्टूबर 2026 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में नगर, गंगानगर और यमुनानगर जोन में चलाए गए अभियान के दौरान पैदल मार्च, जागरूकता कार्यशालाएं, करियर गाइडेंस कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा अभियान, नुक्कड़ नाटक और महिला चौपाल के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।
12 अक्टूबर को स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की छात्राओं की सहभागिता में पैदल मार्च निकाला गया। एलईडी वाहन के माध्यम से लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया तथा पोस्टर, बैनर और प्रचार सामग्री वितरित कर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूक किया गया।
13 अक्टूबर को रिजर्व पुलिस लाइंस प्रयागराज में ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी सहित जनप्रतिनिधियों, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान कमिश्नरेट प्रयागराज के 640 ग्राम प्रहरियों एवं ग्राम चौकीदारों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रहरियों का मासिक मानदेय 2,500 रुपये से बढ़ाकर 3,500 रुपये किए जाने, पांच लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा गांवों में संदिग्ध गतिविधियों और जमीन पर अवैध कब्जे की सूचना पुलिस तक पहुंचाने की भूमिका पर चर्चा की गई। इसी क्रम में महिला पुलिसकर्मियों और एनसीसी की महिला कैडेट्स ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम में भाग लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी मिशन शक्ति का संदेश दिया गया।
14 अक्टूबर को पुलिस आयुक्त, जिला प्रोबेशन अधिकारी, अपर पुलिस उपायुक्त नगर, एसीपी कोतवाली, प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष और व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने खुल्दाबाद स्थित नारी संरक्षण गृह का दौरा किया। यहां दीपावली के अवसर पर खाद्य सामग्री, वस्त्र और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ महिलाओं एवं बालिकाओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों, सरकारी योजनाओं और महिला सुरक्षा से जुड़े उपायों की जानकारी दी गई।

15 अक्टूबर को नगर, गंगानगर और यमुनानगर जोन के विभिन्न थानों में छात्राओं के लिए करियर गाइडेंस कार्यक्रम और साइबर सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की गईं। छात्राओं को मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत उपलब्ध निःशुल्क प्रतियोगी परीक्षा मार्गदर्शन एवं कोचिंग की जानकारी दी गई। यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई मेन, नीट, एनडीए, सीडीएस, बैंकिंग, एसएससी, बीएड और टीईटी जैसी परीक्षाओं की तैयारी, पंजीकरण प्रक्रिया तथा सफलता की रणनीतियों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई।
16 अक्टूबर को रिजर्व पुलिस लाइंस स्थित परिवार परामर्श केंद्र सहित विभिन्न थानों के मिशन शक्ति केंद्रों पर पारिवारिक विवादों के निस्तारण से संबंधित कार्यक्रम आयोजित किए गए। पति-पत्नी के बीच विवादों के समाधान में सहयोग प्राप्त करने वाली महिलाओं और उनके अभिभावकों को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से परिवार परामर्श केंद्रों की भूमिका और महिलाओं को उपलब्ध सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।
17 अक्टूबर को विभिन्न थानों में पिंक समाधान दिवस, मिशन शक्ति केंद्रों और तहसील दिवस के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं की शिकायतें सुनी गईं। शिकायतों के निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। साथ ही साइबर धोखाधड़ी से बचाव, ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराने और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के उपयोग के बारे में जागरूक किया गया।
18 अक्टूबर को गंगानगर जोन के सरायममरेज थाना क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत खिजिरिहा के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एसीपी क्राइम, एएचटीयू, एसजेपीयू और मिशन शक्ति टीम की सहभागिता में नुक्कड़ नाटक एवं लघु फिल्मों के माध्यम से बाल विवाह और अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। इसके अलावा तीनों जोन में महिलाओं एवं बालिकाओं को केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं तथा महिला सशक्तीकरण से संबंधित जानकारी दी गई।

19 अक्टूबर को कमिश्नरेट प्रयागराज के नगर, गंगानगर और यमुनानगर क्षेत्रों में एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए प्रोत्साहन एवं सहयोग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान उन्हें उनके अधिकारों, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और अन्य समस्याओं के संबंध में जानकारी दी गई। साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में भी जागरूक किया गया।
20 अक्टूबर को थाना जार्जटाउन में पुलिस आयुक्त की अध्यक्षता में मिशन शक्ति केंद्र को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित करने के संबंध में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय एवं नोडल मिशन शक्ति, पुलिस उपायुक्त नगर, अपर पुलिस उपायुक्त नगर, सहायक पुलिस आयुक्तों, महिला थाना के अधिकारियों-कर्मचारियों, मिशन शक्ति टीम और सिविल डिफेंस के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इसी क्रम में थाना बहरिया में सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर और थानाध्यक्ष के नेतृत्व में मॉडल मिशन शक्ति केंद्र पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां साइबर हेल्पलाइन 1930 और यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।
नवरात्रि के दौरान मिशन शक्ति, महिला बीट और एंटी रोमियो स्क्वॉड की टीमों ने मंदिरों, धार्मिक स्थलों, दुर्गा पूजा पंडालों, मेलों, स्कूल-कॉलेजों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी की। महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ फुट पेट्रोलिंग और पीआरवी के माध्यम से गश्त की गई। पूजा पंडालों में महिला चौपाल आयोजित कर सुरक्षा संबंधी जानकारी दी गई तथा महिलाओं एवं बालिकाओं को परेशान करने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए अभियान चलाया गया। पुलिसकर्मियों को आमजन के साथ मर्यादित व्यवहार करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इनमें वीमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन पुलिस सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एंबुलेंस सेवा 102, एंबुलेंस सेवा 108 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। मिशन शक्ति केंद्रों पर महिलाओं को गुड टच-बैड टच, महिला अधिकारों, सुरक्षा कानूनों, शिकायत निस्तारण और स्वावलंबन से संबंधित जानकारी भी दी गई।
मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों के माध्यम से प्रयागराज पुलिस ने महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम, सामाजिक जागरूकता और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना रहा।


