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मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सैफई में उमड़ा जनसैलाब, अखिलेश यादव ने दी श्रद्धांजलि

नेताजी के समाजवादी विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प, अखिलेश ने चुनाव आयोग और भाजपा पर लगाए वोट चोरी के आरोप
  • अभिषेक कुमार

इटावा/सैफई। समाजवादी पार्टी के संस्थापक, पूर्व रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर सैफई सहित देश के विभिन्न राज्यों में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। सैफई स्थित नेताजी के समाधिस्थल पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव, सांसद डिंपल यादव सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और हजारों कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष जासमीर अंसारी, सांसद रामजी लाल सुमन, धर्मेंद्र यादव, देवेश शाक्य और आदित्य यादव, विधायक तेज प्रताप यादव, राम आसरे कुशवाहा और आशु मलिक, जिला पंचायत अध्यक्ष इटावा अंशुल यादव, नवल किशोर शाक्य, अनुराग यादव, तोताराम, मोहम्मद फहद तथा इटावा के जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य बबलू सहित अनेक नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

अखिलेश यादव बोले- नेताजी का जीवन समाजवादी विचारधारा की अमूल्य धरोहर

अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह यादव को नमन करते हुए कहा कि समाजवादी सिद्धांतों के प्रति समर्पित नेताजी का जीवन सभी के लिए बहुमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि नेताजी का मानना था कि मदद करना मानवता की पहली सीढ़ी है। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सहायता करने तथा उन्हें साथ लेकर चलने की प्रेरणा दी।

अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी ने समाज को सिखाया कि केवल भेदभाव समाप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों के मन में मौजूद भेदभाव की भावना को भी मिटाना जरूरी है। कागजों पर समानता लिख देने से वास्तविक बदलाव नहीं आता, जब तक समाज में आपसी मनमुटाव और असमानता समाप्त न हो।

उन्होंने कहा कि जब तक समाज में लोग पीड़ित, दुखी और अपमानित महसूस करते रहेंगे, तब तक उनके अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रखना होगा। अखिलेश यादव ने ‘पीडीए’ की अवधारणा को प्रेम, दया और अपनेपन से जोड़ते हुए कहा कि नेताजी का जीवन इन मूल्यों का उदाहरण रहा है और उनकी स्मृतियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।

समाजवादी विचारधारा को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प

सपा प्रमुख ने कहा कि नेताजी जिस समाजवादी विचारधारा को लेकर आगे बढ़े, उसे आने वाली कई पीढ़ियों तक पहुंचाना पार्टी के कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने कमजोर, पीड़ित और बेसहारा लोगों को साथ जोड़ने, उनका मनोबल बढ़ाने और समाज में भेदभाव समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों की कड़ी को आगे बढ़ाना और समाज के हर वर्ग को सम्मान एवं अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना आवश्यक है।

अखिलेश ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप

श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने भाजपा और चुनाव आयोग को लेकर कई आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से मतदाता सूची में गड़बड़ी कराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया।

अखिलेश यादव ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी निष्पक्ष तरीके से चुनाव कराना है। उनके अनुसार, जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं तो भाजपा उसके बचाव में सामने क्यों आती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता बनाए रखना आवश्यक है।

सपा अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा मतदाता सूची में केवल अपने समर्थकों के नाम बनाए रखने की मंशा से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मताधिकार की रक्षा के मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों की चिंताएं सामने आई हैं। ये आरोप अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान लगाए।

मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप, फर्जी फॉर्म-7 का उठाया मुद्दा

अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में हुए उपचुनावों और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर प्रशासन की मदद से चुनावी धांधली की गई और मतदाताओं के अधिकारों को प्रभावित किया गया।

उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के पीडीए प्रहरियों ने मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए कथित तौर पर फर्जी फॉर्म-7 भरे जाने के मामले सामने लाए थे। उनके अनुसार, पार्टी ने संबंधित मामलों में शिकायतें और साक्ष्य प्रस्तुत किए, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।

अखिलेश यादव ने लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि दशरथ नाम के व्यक्ति के नाम से 100 से अधिक फॉर्म-7 भरवाए गए थे। उन्होंने बिधूना विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के एक नगर अध्यक्ष के कथित फर्जी हस्ताक्षर से फॉर्म भरवाकर मतदाताओं के नाम हटाने का भी आरोप लगाया। इन दावों पर संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया इस वक्तव्य में उपलब्ध नहीं है।

2027 के विधानसभा चुनाव का भी किया जिक्र

अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के खिलाफ जनता के बीच रहकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखा जाएगा। उन्होंने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि किसान, नौजवान, छात्र, व्यापारी और समाज के विभिन्न वर्ग लोकतंत्र, संविधान और आरक्षण की रक्षा के मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को अपनी निष्पक्षता और विश्वसनीयता साबित करनी चाहिए। अखिलेश यादव के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो।

मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में जहां एक ओर उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव ने अपने संबोधन और मीडिया बातचीत के माध्यम से समाजवादी विचारधारा, सामाजिक समानता, मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दे उठाए।

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