
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ, निपुण भारत मिशन और वंदे मातरम पर हुई शैक्षिक संगोष्ठी; शिक्षकों ने 9 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में राष्ट्रीय एवं राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की राज्य स्तरीय शैक्षिक संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने दीप प्रज्वलित कर किया। संगोष्ठी में निपुण भारत मिशन की प्रगति, विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और वंदे मातरम पर आधारित शैक्षिक विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान शिक्षकों के उत्कृष्ट कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बेहतर शैक्षिक परिणामों के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव सुरेंद्र कुमार तिवारी ने विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा किए जा रहे नवाचारों और निपुण भारत मिशन के तहत हो रही प्रगति पर विचार रखे। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त ने शिक्षण संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। वहीं, किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य प्रमिला गुप्ता ने बच्चों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार साझा किए।
संगोष्ठी के दौरान कानपुर नगर के घाटमपुर विकासखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय ललकीपुरवा की प्रधानाध्यापिका एवं राज्य अध्यापक पुरस्कार विजेता गीता यादव को सम्मानित किया गया। विद्यालय में उनके द्वारा लगातार किए जा रहे उत्कृष्ट शैक्षिक प्रयासों और नवाचारों के लिए उन्हें अंगवस्त्र, स्मृति चिह्न और अभिनंदन पत्र प्रदान किया गया। इस सम्मान को जिले के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
कार्यक्रम में शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को भी प्रमुखता से उठाया गया। इस क्रम में शिक्षकों की नौ सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और कैबिनेट मंत्री राकेश सचान के प्रतिनिधि विनीत शर्मा को सौंपा गया। शिक्षकों ने अपनी मांगों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक हितों से जुड़े विषयों पर ध्यान आकर्षित किया।
समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में क्षेत्रीय उपाध्यक्ष विजय कुमार भुर्जी, आनंद द्विवेदी (लखनऊ), विजय सोनी (कानपुर) सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, शिक्षकों के प्रयासों को प्रोत्साहित करने और विद्यालयों में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया गया।


