
सत्यजीत गुप्ता ने परेड रामलीला और तपेश्वरी मंदिर का किया निरीक्षण, भीड़ प्रबंधन और सतर्क निगरानी के लिए पुलिस अधिकारियों को दिए निर्देश
- प्रतीक कुमार
कानपुर नगर। शहर में धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस सतर्क है। इसी क्रम में मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली और संबंधित थाना प्रभारियों के साथ क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस बल भी मौजूद रहा।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने कोतवाली थाना क्षेत्र के परेड मैदान में आयोजित रामलीला के मद्देनजर सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण किया। उन्होंने आयोजन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। रामलीला में आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ को देखते हुए भीड़ प्रबंधन, सतर्क निगरानी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
इसके बाद पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने फीलखाना थाना क्षेत्र स्थित तपेश्वरी मंदिर का भ्रमण किया। यहां उन्होंने मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए गए इंतजामों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के दौरान दोनों स्थलों पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्कता बरतने तथा भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका होने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाए और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी ने रामलीला और मंदिर परिसर में आने वाले आम नागरिकों एवं श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। साथ ही सभी आयोजनों को शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न कराने के लिए आपसी समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
पुलिस द्वारा किए गए इस निरीक्षण का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना, भीड़ को व्यवस्थित करना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आयोजन समाप्त होने तक सतर्कता बनाए रखें और सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।


