
राशन कार्ड से नाम कटने, कम राशन मिलने और महंगाई का मुद्दा उठाया; दाल, चीनी और खाद्य तेल सहित अन्य जरूरी वस्तुएं उपलब्ध कराने की मांग
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की ओर से कानपुर नगर स्थित जिला पूर्ति कार्यालय पहुंचकर जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) को राशन वितरण प्रणाली से जुड़ी समस्याओं के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। समिति की महिला सदस्यों ने गरीब परिवारों को राशन मिलने में आ रही परेशानियों को उठाते हुए व्यवस्था में सुधार की मांग की।
समिति की सदस्यों ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी जैसी समस्याओं के बीच गरीब परिवार सरकारी राशन वितरण प्रणाली पर निर्भर हैं। इसके बावजूद कई बार राशन कार्ड से परिवार के सदस्यों के नाम काट दिए जाते हैं। नाम दोबारा जुड़वाने के लिए बार-बार ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है, जिसमें लोगों का पैसा खर्च होता है। समिति ने इस समस्या का समाधान करने की मांग की।
महिला सदस्यों ने आरोप लगाया कि कई राशन दुकानों पर कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है। पूछने पर कोटेदारों की ओर से कहा जाता है कि उन्हें सरकार की तरफ से ही कम राशन मिल रहा है। समिति ने मांग की कि राशन वितरण में होने वाली घटतौली पर रोक लगाई जाए और कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में राशन उपलब्ध कराया जाए।
समिति ने यह भी कहा कि सरकारी राशन में मुख्य रूप से गेहूं और चावल ही मिलता है, जबकि गरीब परिवारों को पोषण की दृष्टि से अन्य खाद्य पदार्थों की भी जरूरत होती है। समिति की मांग है कि गेहूं और चावल के साथ दालों का भी वितरण किया जाए। इसके अलावा सभी पात्र कार्डधारकों को चीनी उपलब्ध कराने तथा त्योहारों के अवसर पर अतिरिक्त राशन और चीनी देने की व्यवस्था की जाए।
महिला सदस्यों ने महंगाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि रसोई का बजट लगातार प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले गरीब परिवारों को राशन के साथ चीनी और मिट्टी का तेल भी मिलता था, लेकिन अब रसोई गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों के कारण गरीब परिवारों के लिए खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। समिति ने पूर्व की भांति मिट्टी का तेल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी।
ज्ञापन के माध्यम से राशन वितरण प्रणाली में चायपत्ती, मसाले, खाद्य तेल, सर्फ और साबुन जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं को भी शामिल करने की मांग की गई। समिति का कहना है कि इन वस्तुओं की उपलब्धता से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिल सकती है।
समिति की महिला सदस्यों ने जिला पूर्ति अधिकारी से मांग की कि सभी कोटेदारों को सख्त निर्देश दिए जाएं कि वे कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में राशन दें और किसी भी प्रकार की घटतौली न करें। साथ ही राशन की दुकानों को महीने में कम से कम 20 दिन खोलना सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को राशन प्राप्त करने में परेशानी न हो।
इस अवसर पर समिति की अध्यक्ष सुधा सिंह, सचिव नीलम तिवारी, उपाध्यक्ष मालती यादव, सहसचिव आशा खालिद, संयुक्त मंत्री धनपती यादव तथा सदस्य बिमला, सरोज, सुधा बनोदिया और माजरा बेगम सहित अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं। समिति ने राशन वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए संबंधित विभाग से आवश्यक कदम उठाने की मांग की।


