बीकानेर हाउस में ‘नो आइडिया इज फाइनल’ प्रदर्शनी को लेकर सियासी घमासान, प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा ने किया बेटे का समर्थन; भाजपा ने नीतियों के उल्लंघन का दिया हवाला
- सोनाली सिंह
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रैहान वाड्रा की कला प्रदर्शनी से कई तस्वीरें हटाने के मुद्दे पर विवाद गहरा गया है। बीकानेर हाउस में आयोजित होने वाली उनकी प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर कलात्मक अभिव्यक्ति को रोकने का आरोप लगाया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे रैहान वाड्रा की राजनीतिक लॉन्चिंग की कोशिश करार दिया है।
विवाद उस समय शुरू हुआ, जब रैहान वाड्रा ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी के उद्घाटन से कुछ घंटे पहले बीकानेर हाउस प्रबंधन ने उनसे अधिकांश तस्वीरें हटाने को कहा। उनके अनुसार, प्रदर्शनी में छात्र आंदोलनों और दिल्ली में हुए युवा विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी तस्वीरें शामिल थीं। उन्होंने तिरंगे की दो तस्वीरें हटाने के निर्देश मिलने का भी दावा किया।
रैहान वाड्रा ने लगाए तस्वीरें हटाने के आरोप
रैहान वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के उद्घाटन से लगभग पांच घंटे पहले प्रबंधन ने अधिकांश कलाकृतियां हटाने के लिए कहा। रैहान के मुताबिक, उन्हें कुछ तस्वीरों की सामग्री आपत्तिजनक होने की बात बताई गई थी।
उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शनी का लेआउट एक सप्ताह पहले ही प्रबंधन के साथ साझा किया गया था, लेकिन तस्वीरें हटाने का निर्देश ऐन मौके पर दिया गया। उनके अनुसार, राजनीतिक दलों और नेताओं से संबंधित कई तस्वीरें पहले ही हटाई जा चुकी थीं और नियमों के अनुरूप तस्वीरें बदलने की पेशकश भी की गई थी। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि इसके बावजूद करीब 70 तस्वीरों को प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं दी गई।
रैहान ने कहा कि उन्हें इस फैसले के पीछे किसी राजनीतिक उद्देश्य की निश्चित जानकारी नहीं है, लेकिन कलाकारों को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक संस्थानों और कला आयोजनों की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए।
बीकानेर हाउस प्रबंधन ने दी सफाई
विवाद के बीच बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने अपने फैसले का बचाव किया। प्रबंधन के अनुसार, प्रदर्शनी में शामिल कुछ तस्वीरें निर्धारित नीतियों के अनुरूप नहीं थीं, इसलिए उन्हें हटाने का अनुरोध किया गया। सोसाइटी ने कहा कि उसकी नीति के अनुरूप तस्वीरों को प्रदर्शित किया जा रहा है।
इस बीच, हटाई गई कुछ तस्वीरों को प्रदर्शनी स्थल के बाहर लगाए जाने की भी खबर सामने आई। बाद में बीकानेर हाउस के सुरक्षा अधिकारियों ने उन तस्वीरों को वहां से हटा दिया।
प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा ने किया समर्थन
विवाद के बाद रैहान के परिवार ने उनका समर्थन किया। प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने बेटे के समर्थन में संदेश साझा किया। उन्होंने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें रैहान पर गर्व है और वह सत्य के लिए खड़े हैं।
वहीं, रॉबर्ट वाड्रा ने भी अपने बेटे का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि रैहान अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए कोई दूसरा स्थान तलाश सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं है कि तस्वीरें हटाने का फैसला राजस्थान सरकार से संबंधित था या इसके पीछे कोई अन्य दबाव था।
कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने इस मामले को अन्यायपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले तस्वीरें हटाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से संबंधित अधिकारियों और बीकानेर हाउस प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी कलाकारों को अपनी कला के माध्यम से विचार व्यक्त करने की स्वतंत्रता देने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की अभिव्यक्ति को सीमित करने का प्रयास कर रही है।
कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कथित तौर पर तस्वीरें हटाने की प्रक्रिया की आलोचना करते हुए प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए। वहीं, कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को संविधान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए सरकार की आलोचना की।
भारतीय युवा कांग्रेस की कानूनी इकाई ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए तस्वीरें हटाने के फैसले की आलोचना की।
भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक विवाद बनाने का प्रयास बताया। पार्टी की ओर से प्रदर्शनी स्थल की नीतियों का हवाला देते हुए कहा गया कि तस्वीरें हटाने का मामला नियमों से जुड़ा है। भाजपा ने इसे रैहान वाड्रा को राजनीतिक रूप से आगे लाने की कोशिश के तौर पर भी पेश किया।
फिलहाल, यह मामला कला की स्वतंत्रता, सार्वजनिक संस्थानों की नीतियों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। तस्वीरों को हटाने के फैसले और उसके पीछे के कारणों को लेकर कांग्रेस तथा भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।


