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लाखे नगर से धमतरी ले जाए जा रहे कथित पीडीएस चावल पर कार्रवाई, वाहन से चावल जब्त

अफरोज ख्वाजा की सूचना पर भखारा पुलिस ने की जांच, सोहेल खोखर की दुकान से चावल लोड होने के दावे की पड़ताल

  • मेघा तिवारी

रायपुर (छत्तीसगढ़)। राजधानी रायपुर के लाखे नगर ईदगाह भाटा क्षेत्र से कथित सरकारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) का चावल धमतरी जिले की ओर ले जाए जाने का मामला सामने आया है। मामले की सूचना मिलने के बाद भखारा पुलिस ने जांच करते हुए वाहन क्रमांक CG-04-PK-6332 से चावल जब्त किया। अब चावल के स्रोत और उसके परिवहन से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संरक्षण आयोग के प्रदेश प्रवक्ता अफरोज ख्वाजा ने भखारा थाना पुलिस को सूचना दी थी कि लाखे नगर ईदगाह भाटा क्षेत्र में दुकानदार सोहेल खोखर की दुकान से कथित तौर पर सरकारी पीडीएस चावल वाहन में लोड कर धमतरी की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चावल की जब्ती की।

बताया गया है कि वाहन चालक के पास चावल के परिवहन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। हालांकि, जब्त चावल वास्तव में सरकारी पीडीएस का है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और संबंधित दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राशन वितरित किया जाता है। ऐसे में यदि सरकारी राशन के भंडारण, खरीद-बिक्री या परिवहन में किसी प्रकार की अनियमितता होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अफरोज ख्वाजा ने मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि चावल कहां से आया, उसे किसके माध्यम से वाहन में लोड किया गया और धमतरी ले जाने के पीछे क्या उद्देश्य था, इन सभी पहलुओं की जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब इस मामले में पुलिस और संबंधित खाद्य विभाग की जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। चावल के स्रोत, उसकी पहचान, परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका का सत्यापन किए जाने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, चावल के सरकारी पीडीएस का होने और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।

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