सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान दर्द: जानें 5 कारण और 2 आसान योगासन जो देंगे राहत

सेक्शुअल रिलेशन का अनुभव सुखद होना चाहिए, लेकिन कई महिलाओं के लिए यह दर्द का कारण भी बन सकता है। अक्सर महिलाएं इसे अनदेखा कर देती हैं या इस पर खुलकर बात करने से हिचकिचाती हैं। जबकि यह दर्द शरीर का एक संकेत है, जो बताता है कि आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देने की जरूरत है। अच्छी खबर यह है कि इसके समाधान भी मौजूद हैं। डाइट और योगा एक्सपर्ट जूही कपूर इस समस्या और उसके उपायों पर विस्तार से जानकारी देती हैं।
इंटरकोर्स के दौरान दर्द के आम कारण
- वेजाइनल ड्राईनेस – पर्याप्त लुब्रिकेशन न होने से घर्षण के कारण दर्द हो सकता है।
- पेल्विक फ्लोर में तनाव – ज्यादा टेंशन होने पर पेल्विक फ्लोर की मसल्स दर्द का कारण बन सकती हैं।
- हार्मोनल असंतुलन – डिलीवरी के बाद या पेरिमेनोपॉज में हार्मोनल बदलाव योनि ड्राईनेस और असुविधा बढ़ा सकते हैं।
- एंडोमेट्रियोसिस या फाइब्रॉएड – इन मेडिकल कंडीशन्स में इंटरकोर्स के दौरान दर्द, पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग और ऐंठन हो सकती है।
- वैजिनीस्मस – इसमें योनि की मसल्स कस जाती हैं, जिससे टैम्पोन या रिलेशन के दौरान दर्द महसूस होता है।
दर्द दूर करने के आसान योगासन
1. हैप्पी बेबी पोज (Happy Baby Pose)
- पीठ के बल लेटें और घुटनों को छाती की ओर मोड़ें।
- पैरों के बाहरी हिस्से को पकड़कर धीरे-धीरे स्ट्रेच करें।
- इस पोज़ से पेल्विक फ्लोर मसल्स ढीली होती हैं और ड्राईनेस व टेंशन से राहत मिलती है।

2. लेग्स अप द वॉल (Legs Up The Wall)
- दीवार के पास लेटें और पैरों को सीधा ऊपर उठाकर दीवार से टिकाएं।
- 3 से 5 मिनट तक गहरी सांसें लेते हुए इस मुद्रा में रहें।
- यह आसन ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है और एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड या वैजिनीस्मस से होने वाले दर्द में मददगार है।

निष्कर्ष
विशेषज्ञों के अनुसार, सेक्शुअल इंटरकोर्स के दौरान दर्द होना आम है, लेकिन इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कारण पहचानकर और सही उपाय अपनाकर इसे आसानी से दूर किया जा सकता है। योगासन, हेल्दी डाइट और समय पर मेडिकल सलाह इस समस्या से छुटकारा दिला सकते हैं।



