
पांच मरीजों में मोतियाबिंद की पहचान, दो का शुगर सामान्य होने पर होगा निःशुल्क ऑपरेशन; तीन मरीजों को अगले सोमवार सर्जरी के लिए ले जाने की तैयारी
- आशीष तिवारी
कानपुर देहात। सोसाइटी फॉर इक्विटेबल वॉलेंट्री एक्टिविटी सेवा समिति द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को निःशुल्क नेत्र शिविर आयोजित करने के संकल्प को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में इस बार भी गायत्री फार्मा मेडिकल स्टोर पर आर. देवी आई रिसर्च इंस्टीट्यूट के सहयोग से निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में करीब 30 नेत्र मरीजों की जांच की गई।
शिविर में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अवध दुबे एवं डॉ. आशुतोष त्रिपाठी ने मरीजों की आंखों की जांच की। वहीं अभिषेक द्वारा मरीजों का विजन चेक किया गया। जांच के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराई गईं, जिनका वितरण गायत्री फार्मा मेडिकल स्टोर की ओर से निःशुल्क किया गया।
संस्था की सचिव एवं संस्थापक कंचन मिश्रा ने बताया कि शिविर के दौरान जांच में पांच मरीजों में मोतियाबिंद की समस्या चिन्हित की गई। इनमें से दो मरीजों का शुगर लेवल बढ़ा हुआ पाया गया, जिसके कारण फिलहाल उनका ऑपरेशन नहीं किया जा सकता। शुगर लेवल सामान्य होने के बाद दोनों मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि तीन अन्य मरीजों ने किसी कारणवश इस बार सर्जरी नहीं कराने का निर्णय लिया है। इन मरीजों को अगले सोमवार को निःशुल्क सर्जरी के लिए ले जाने की तैयारी की जा रही है।

सहयोगियों ने बढ़ाया मरीजों का उत्साह
शिविर को सफल बनाने में संस्था के लाइफटाइम सदस्यों सुनील पांडेय, मुकेश पुरवार एवं श्वेता गुप्ता ने भरपूर सहयोग किया। इस दौरान मरीजों को फल भी वितरित किए गए। इसके अलावा सूर्यांश, रुद्र, सलमान और घनश्याम सहित अन्य सहयोगियों ने शिविर के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाई।
नियमित रूप से जारी रहेगा नेत्र शिविर
संस्था की सचिव कंचन मिश्रा ने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों तक निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की गई है। प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को आयोजित होने वाले इन शिविरों में मरीजों की जांच के साथ आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने और जरूरतमंद मरीजों की निःशुल्क सर्जरी कराने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि संस्था भविष्य में भी इसी तरह जरूरतमंद मरीजों की सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करती रहेगी।


