
डाक विभाग में हिंदी पखवाड़ा समारोह का समापन, विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित
- संगीता सिंह
अहमदाबाद। हिंदी एक समृद्ध, सशक्त और अभिव्यक्ति की दृष्टि से सक्षम भाषा है। राजभाषा के रूप में हिंदी ने राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आवश्यकता है कि हिंदी को केवल हिंदी दिवस या पखवाड़े तक सीमित न रखते हुए ज्ञान, व्यवहार, प्रशासन, तकनीक और सृजन के विभिन्न क्षेत्रों में इसके स्वाभाविक एवं प्रभावी प्रयोग को निरंतर बढ़ावा दिया जाए।
यह बात वरिष्ठ साहित्यकार एवं उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने 28 सितंबर 2026 को क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित हिंदी पखवाड़ा समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता करते हुए कही। इस अवसर पर हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को हिंदी की पुस्तकें एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
हिंदी को परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में मिला नया आयाम
पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि हिंदी की मधुरता में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना निहित है, जबकि इसकी सरलता में गहन ज्ञान समाहित है। उन्होंने कहा कि हिंदी को परिवर्तन और विकास की भाषा के रूप में नए आयाम मिले हैं।

उन्होंने कहा कि हिंदी की सबसे बड़ी ताकत इसके बोलने वालों की विशाल संख्या है। हिंदी केवल हमारी मातृभाषा और राजभाषा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और आत्मसम्मान का प्रतीक भी है। ऐसे में हिंदी को अपनाना, उसका अधिकाधिक प्रयोग करना और उसके विकास में सहभागी बनना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है।
विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता सम्मानित
हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने पुरस्कार प्रदान किए।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में योगेश रामानुज, राजेश कुमार और मौलिक देसाई ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में दर्शन श्रीमाली, सिद्धि दरजी और मनीषा बगानी को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार मिला।
अनुवाद प्रतियोगिता में मौलिक देसाई, मौलिक दवे और कनिका अग्रवाल ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।
हिंदी काव्य पाठ प्रतियोगिता में अभिषेक पीठडीया, योगेश रामानुज और निशा पटेल को क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
हिंदी व्याकरण प्रतियोगिता में हिमांशु प्रजापति, कौशल पटेल और दिलीपकुमार पगी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।
तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में आर.टी. पटेल और अभिषेक पीठडीया को प्रथम, जबकि रामस्वरूप मंगवा और योगेश रामानुज को क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वहीं, हिंदी अंताक्षरी प्रतियोगिता में भरत रेगर, कल्पेश परमार, पायल टी. पटेल, भावेश भरवाड और सुरेखा देसाई को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
अधिकारी-कर्मचारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम की शुरुआत सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश शाह के स्वागत भाषण से हुई। सहायक निदेशक वी.एम. वोहरा ने आभार ज्ञापित किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन अभिषेक पीठडीया ने किया।
इस अवसर पर सहायक निदेशक रितुल गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठोर, सहायक अधीक्षक बिरंग शाह, जीनेश पटेल, रमेश पटेल, रोनक शाह, सहायक लेखाधिकारी सुभाष बारुपाल, रामस्वरूप मंगवा, डाक निरीक्षक पायल पटेल, योगेश पंचोली, रवि रावत सहित डाक विभाग के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


