फतेहपुर में अखिलेश यादव का चुनाव आयोग और सरकार पर हमला

- अखिलेश कुमार अग्रहरि
फतेहपुर। ड्यूटी के दौरान एक लेखपाल की मौत के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव शनिवार को मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी। इस अवसर पर उन्होंने भाजपा सरकार और चुनाव आयोग पर तीखी आलोचना की।
अखिलेश ने कहा कि IAS-IPS अधिकारी संविधान के रक्षक हैं और जनता की सेवा उनका धर्म है, लेकिन वर्तमान सरकार झूठ और सत्ता की राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतक लेखपाल के मामले में दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही क्योंकि “सरकारी अधिकारी का मतलब भाजपा के अधिकारी है।”
सपा प्रमुख ने कहा कि इसी कारण प्रदेश में दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदाय पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। बिहार चुनावों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को हराया नहीं गया, बल्कि हरा दिया गया, और भाजपा ने वोटिंग प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया।

उन्होंने यूपी में चल रही SIR प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। अखिलेश ने कहा कि BLO को बिना प्रशिक्षण के SIR फॉर्म भरवाए जा रहे हैं, कई जगहों पर रिवॉल्वर दिखाकर वोट डलवाए गए और CCTV फुटेज देने से इंकार किया जा रहा है।
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि SIR की तारीखें भाजपा के दबाव में तय की गईं ताकि PDA वर्ग के वोट प्रभावित हों। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा नए तरीके से चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है और चुनाव आयोग सरकार की मनमानी को सही ठहरा रहा है।
अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि BLO की मौत और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों को लेकर लोकसभा में सवाल उठाए जाएंगे।



