निवेश और कानून व्यवस्था पर भाजपा सरकार पर अखिलेश यादव का हमला

- अखिलेश कुमार अग्रहरि
फतेहपुर/रायबरेली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश को लेकर झूठे दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में निवेश आया होता तो जमीन पर रोजगार और नौकरियां दिखाई देतीं, जबकि आंकड़ों में भी रोजगार सृजन का कोई ठोस प्रमाण नजर नहीं आता।
एक दिवसीय फतेहपुर दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध, साइबर अपराध और बेरोजगारी के मामले में उत्तर प्रदेश शीर्ष पर है। उनका आरोप है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भूमाफिया, कोडीन माफिया और नकल माफिया जैसे कई तरह के गिरोह पनपे हैं तथा भाजपा नेताओं पर जमीनों पर अवैध कब्जे कराने और माफियाओं को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने प्रयागराज माघ मेले की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि पौराणिक परंपराओं में शंकराचार्य पर कभी सवाल नहीं उठे, लेकिन “नकली सनातनियों” ने उनका अपमान किया और गंगा स्नान से रोका। अखिलेश यादव ने कहा कि जिनके पास योगी होने का प्रमाण नहीं है, वही शंकराचार्य से प्रमाण पत्र मांग रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा में मुख्यमंत्री की भाषा पर सभी ने ध्यान दिया और उपमुख्यमंत्री भी शंकराचार्य को न्याय दिलाने में विफल रहे।
अखिलेश यादव ने किसानों, नौजवानों और प्रदेश की जनता से भाजपा सरकार को हटाने की अपील करते हुए कहा कि यदि यही स्थिति रही तो सरकार गेहूं, चावल, दाल और दूध तक विदेशों से मंगाएगी, जिससे किसानों को भारी नुकसान होगा। उन्होंने बिजली दरों में बढ़ोतरी और मीटरों में कथित गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने उत्पादन बढ़ाए बिना ही बिजली महंगी कर दी है।

उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा “जेन जी” से घबराई हुई है और युवाओं के मुद्दों को दबाने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार एसआईआर के जरिए वोट जोड़ने के बजाय वोट काटे जा रहे हैं।
शुक्रवार को फतेहपुर जाते समय रायबरेली में मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने बटुकों के कथित अपमान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने बटुकों के साथ दुर्व्यवहार किया है, उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री दोषियों को सजा दिलाने में असफल रहे हैं।
अखिलेश यादव ने अंत में कहा कि भाजपा सरकार विभिन्न वर्गों का अपमान कर रही है और ब्राह्मण समाज से लेकर धार्मिक संतों तक के सम्मान को ठेस पहुंची है।



