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विक्रम संवत नववर्ष का प्रथम दिवस सृष्टि रचना का प्रतीक : प्रतिमा बागरी

सूर्य उपासना एवं नाट्य मंचन के साथ सतना में विक्रम संवत 2083 का भव्य शुभारंभ

  • रितिका शुक्ला

सतना। विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ अवसर पर व्यंकटेश लोक (व्यंकटेश मंदिर परिसर) सतना में सूर्य उपासना एवं सम्राट विक्रमादित्य पर आधारित नाट्य प्रस्तुति का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने भगवान गणेश एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया। इस दौरान उन्होंने ब्रह्म ध्वज की पूजा-अर्चना भी की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा कि विक्रम संवत नववर्ष का प्रथम दिन सृष्टि की रचना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि हिन्दू सनातन परंपरा में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा से नववर्ष की शुरुआत होती है, जो फसल कटाई और समृद्धि का भी प्रतीक है। उन्होंने सभी से पर्वों को मिलजुलकर हर्षोल्लास के साथ मनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कलाकारों द्वारा सम्राट विक्रमादित्य के जीवन और विक्रम संवत के महत्व पर आधारित नाट्य मंचन प्रस्तुत किया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। साथ ही महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा प्रकाशित ‘भारत का नव वर्ष विक्रम संवत’ पुस्तिका का वितरण भी किया गया।

इस दौरान महापौर योगेश कुमार ताम्रकार, जिला पंचायत अध्यक्ष रामखेलावन कोल, उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह, नगर निगम स्पीकर राजेश चतुर्वेदी, जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद पांडेय, जिला पंचायत सदस्य ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू, सावित्री त्रिपाठी, एकता सिंह, सीईओ जिला पंचायत शैलेंद्र सिंह, डीईओ गिरीश अग्निहोत्री सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत रंग प्रवर्तन सांस्कृतिक समिति, रैगवां सतना के कलाकारों ने प्रभाकर द्विवेदी के निर्देशन में सम्राट विक्रमादित्य पर केंद्रित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति देकर समां बांध दिया।

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