अयोध्या में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने की ‘श्रीराम यंत्र’ की प्रतिष्ठापना

चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन भव्य आयोजन, संतों के सान्निध्य में संपन्न हुआ कार्यक्रम
- दिवाकर गुप्ता / मनीष कुमार
आयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस पर एक भव्य धार्मिक आयोजन के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘श्रीराम यंत्र’ की विधिवत प्रतिष्ठापना की। इस अवसर पर उन्होंने रामलला के चरणों में शीश नवाकर आरती उतारी और श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना की।
इस दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे और राष्ट्रपति के साथ विधि-विधान से पूजा में सहभागिता की।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच द्वितीय तल पर हुई प्रतिष्ठापना
पूज्य संतों की उपस्थिति में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर के द्वितीय तल पर ‘श्रीराम यंत्र’ की प्रतिष्ठा की गई। यह यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती महाराज द्वारा अयोध्या भेजा गया था।
वैदिक गणित और ज्यामितीय संरचना पर आधारित इस यंत्र को देवताओं का निवास माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करने की क्षमता रखता है। इसके लिए दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के आचार्यों द्वारा नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान पूर्व से ही संचालित किया जा रहा था।
प्रमुख संत और गणमान्य रहे उपस्थित
इस पावन अवसर पर आध्यात्मिक विदुषी माता अमृतानंदमयी (अम्मा), श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी, ट्रस्टी अनिल मिश्रा सहित अनेक संत-महात्मा और गणमान्य उपस्थित रहे।
बताया गया कि माता अमृतानंदमयी अपने लगभग 1000 भक्तों के साथ केरल से इस समारोह में शामिल होने अयोध्या पहुंचीं।
मंदिर परिसर का किया अवलोकन
राष्ट्रपति ने कार्यक्रम के उपरांत मंदिर परिसर का भ्रमण भी किया और दीवारों पर उकेरी गई कलात्मक आकृतियों का अवलोकन किया।
मथुरा के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति
अयोध्या दौरे के बाद राष्ट्रपति मथुरा के लिए रवाना हो गईं, जहां वे इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी तथा संत प्रेमानंद महाराज से भी मुलाकात करेंगी।
यह रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राष्ट्रपति का दूसरा अयोध्या दौरा है। इससे पूर्व वर्ष 2024 में भी उन्होंने अयोध्या आकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया था।



