गौरैया संरक्षण को लेकर जागरूकता पर जोर, शिक्षिका सुनीता यादव का सराहनीय प्रयास

लखनऊ में भेंट के दौरान डॉ. सुलोचना मौर्य को भेंट किया हस्तनिर्मित घोंसला
- शालिनी शर्मा
लखनऊ। राजधानी स्थित आवास पर डॉ. सुलोचना मौर्य की मुलाकात सैफई (इटावा) की शिक्षिका एवं गौरैया संरक्षिका सुनीता यादव से हुई। इस दौरान सुनीता यादव ने अपने हाथों से निर्मित एक सुंदर गौरैया का घोंसला भेंट किया, जो उनके समर्पण और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक है।
डॉ. सुलोचना मौर्य ने सुनीता यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि गौरैया संरक्षण के क्षेत्र में उनका कार्य अत्यंत प्रेरणादायक और समाज के लिए अनुकरणीय है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में गौरैया की घटती संख्या एक गंभीर चिंता का विषय है, जिस पर सामूहिक रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए सभी को आगे आकर सहयोग करना चाहिए और इस महत्वपूर्ण पक्षी प्रजाति के संरक्षण में अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
यह भेंट न केवल एक सम्मानजनक पहल रही, बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का एक सकारात्मक संदेश भी दे गई।



