सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आजीविका मिशन से बदली तस्वीर, डेयरी बना ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार
- अनुराधा सिंह
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में नारी सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के जरिए तराई क्षेत्र के 6 जिलों की 55 हजार से अधिक महिलाएं सफल डेयरी उद्यमी बन चुकी हैं।
बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जैसे जिलों में महिलाएं डेयरी के माध्यम से आत्मनिर्भर बनते हुए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।

डेयरी बना नारी शक्ति का आर्थिक इंजन
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से डेयरी उद्योग तेजी से विकसित हो रहा है। दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की बेहतर व्यवस्था ने महिलाओं की आय में स्थायी बढ़ोतरी सुनिश्चित की है।
2-3 हजार से 60 हजार महीना तक पहुंची आय
लखीमपुर खीरी के सिराइचा गांव की राम गुनी इस बदलाव की प्रेरणादायक मिसाल हैं। पहले उनकी मासिक आय मात्र 2-3 हजार रुपये थी, लेकिन मिल्क प्रोड्यूसर संगठन से जुड़ने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बाद अब उनकी आय 60 हजार रुपये प्रति माह तक पहुंच गई है।
‘सृजनी’ से मिला संगठित मंच
‘सृजनी’ मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन ने महिलाओं को बाजार से जोड़ने के साथ-साथ प्रशिक्षण, प्रबंधन और उत्पादन की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इससे डेयरी कार्य अब एक संगठित व्यवसाय के रूप में उभर रहा है।
पशु चिकित्सा सुविधाओं से बढ़ी उत्पादकता
ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की बेहतर उपलब्धता से पशुओं का स्वास्थ्य सुधरा है, जिससे दूध उत्पादन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आजीविका मिशन बना गेम चेंजर
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार, नेतृत्व और आत्मविश्वास प्रदान किया है। यह मिशन ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है।
गांव से मजबूत हो रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था
महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से गांव-गांव में आय के नए स्रोत विकसित हो रहे हैं। डेयरी के जरिए न केवल परिवारों की आय बढ़ी है, बल्कि आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का सपना भी साकार होता नजर आ रहा है।


