सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का दिया गया संदेश
- मनीषा जैन
झांसी। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मनस्विनी संस्था द्वारा सिद्धेश्वर मंदिर परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संस्था की चार्टर अध्यक्ष रजनी गुप्ता एवं अध्यक्ष रजनी सेठ की संयुक्त अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान 10 नीम के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आचार्य हरिओम पाठक ने वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मनस्विनी संस्था की सदस्याओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नीम एक सदाबहार, छायादार एवं आयुर्वेद में अत्यंत पवित्र माना जाने वाला वृक्ष है। इसका रोपण न केवल शुभ माना जाता है, बल्कि यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी अत्यंत लाभकारी है।

रजनी गुप्ता ने कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला नीम का वृक्ष औषधीय गुणों का भंडार है। इसके पत्ते, छाल, जड़, फूल और फल सभी उपयोगी होते हैं। उन्होंने बताया कि नीम पर्यावरण को शुद्ध करने, वायु प्रदूषण कम करने, छाया प्रदान करने तथा विभिन्न बीमारियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह एक सदाबहार वृक्ष है जो अधिक मात्रा में ऑक्सीजन छोड़कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है।
कार्यक्रम में आचार्य हरिओम पाठक, रजनी सेठ, पार्षद इंजीनियर मयंक श्रीवास्तव, रामश्री बरसैंया, संयोगिता सेन सहित मनस्विनी संस्था की सदस्याएं एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में संस्था की कोषाध्यक्ष संयोगिता सेन ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित सदस्यों का आभार व्यक्त किया।


