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विद्युत विभाग को ₹1.39 करोड़ की राजकीय क्षति पहुंचाने के मामले में तत्कालीन जूनियर इंजीनियर गिरफ्तार

ईओडब्ल्यू मेरठ सेक्टर की बड़ी कार्रवाई, फर्जी दस्तावेजों और जनप्रतिनिधियों के नकली लेटर पैड के जरिए निजी नलकूपों के विद्युतीकरण का आरोप

  • प्रतीक कुमार

लखनऊ/शामली। आर्थिक अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) उत्तर प्रदेश के मेरठ सेक्टर ने विद्युत विभाग को लगभग 1 करोड़ 39 लाख रुपये की राजकीय क्षति पहुंचाने के मामले में मुख्य आरोपी तत्कालीन जूनियर इंजीनियर को लखनऊ से गिरफ्तार किया है।

जांच में सामने आया कि वर्ष 2006-07 में सामान्य योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य पूर्ण हो जाने के बावजूद अभियुक्तों ने कूटरचित दस्तावेजों तथा जनप्रतिनिधियों के फर्जी लेटर पैड का इस्तेमाल कर अतिरिक्त निजी नलकूपों के विद्युतीकरण की स्वीकृति प्राप्त होना दर्शाया। इसके आधार पर नियमों को दरकिनार करते हुए आगे की कार्रवाई की गई।

आरोप है कि बिना किसी वैध लक्ष्य एवं सक्षम अनुमोदन के निरीक्षण रिपोर्ट, स्टीमेट तथा अन्य आवश्यक अभिलेख तैयार किए गए। इसके बाद निजी नलकूपों को विद्युत कनेक्शन प्रदान कर दिए गए, जिससे सरकारी नियमों का उल्लंघन हुआ और उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।

ईओडब्ल्यू की जांच में यह भी पाया गया कि पूरे प्रकरण में सरकारी अभिलेखों के साथ छेड़छाड़ कर योजनाओं का लाभ अनधिकृत रूप से दिलाने का प्रयास किया गया। इस कार्रवाई से विभागीय अनियमितताओं और आर्थिक अपराधों के विरुद्ध एजेंसियों की सख्ती का संदेश गया है।

आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन के अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत विवेचना जारी है तथा प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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