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स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण और सहकारी संघवाद को मिलेगा बल : अनुप्रिया पटेल

नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य परिषद सम्मेलन और एनएचए के डिजिटल एप्लिकेशन लॉन्च कार्यक्रम में हुईं शामिल

  • नेहा पाठक

नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री तथा अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद (सीसीएचएफडब्ल्यू) के 16वें सम्मेलन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा विकसित डिजिटल एप्लिकेशन्स के लॉन्च एवं विस्तार कार्यक्रम में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय तथा स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटलीकरण विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद के 16वें सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्रियों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान राज्यों ने अपनी उपलब्धियों, सुझावों एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को साझा किया।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण परिषद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का सर्वोच्च सलाहकार निकाय है, जिसकी महत्वपूर्ण भूमिका स्वास्थ्य नीतियों के लिए व्यापक दिशानिर्देश तैयार करना तथा केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित कर सहकारी संघवाद को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों और सरकारों के बीच आपसी तालमेल ही नीतियों को धरातल पर उतारकर आम नागरिकों तक उनका लाभ पहुंचाने का कार्य करता है।

इसके बाद आयोजित राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) के डिजिटल एप्लिकेशन्स के लॉन्च एवं विस्तार कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी उपस्थित रहे।

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि एनएचए द्वारा विकसित डिजिटल एप्लिकेशन्स स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेजों और हेल्थ रिकॉर्ड्स के डिजिटलीकरण को नई गति प्रदान करेंगे। इससे नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और मातृशक्ति के लिए इस पहल को लाभकारी बताते हुए कहा कि डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था भविष्य की आवश्यकता है।

उन्होंने विश्वास जताया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक आधारित यह पहल ‘स्वस्थ भारत’ से ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी तथा देश की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाने में सहायक सिद्ध होगी।

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