
सीडीओ ने किसानों से डेयरी को आय का मुख्य स्रोत बनाने का किया आह्वान
- नरेश राठौर
झांसी। विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों, पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को आधुनिक डेयरी प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य एवं सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ डेयरी व्यवसाय को भी आय का प्रमुख स्रोत बनाएं। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर पशुपालक अपनी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।

कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने आधुनिक डेयरी तकनीकों, पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों तथा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पात्र किसानों को विभिन्न डेयरी योजनाओं से संबंधित अनुबंध पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों से वैज्ञानिक पद्धति से पशुपालन अपनाने और सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की, ताकि डेयरी क्षेत्र को रोजगार और आय का सशक्त माध्यम बनाया जा सके।


