HomeNEWSराष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘एक घंटा खेल के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन

राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘एक घंटा खेल के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन

‘मोबाइल बनाम खेल का मैदान’ नुक्कड़ नाटक ने दिया स्वस्थ जीवनशैली का संदेश

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। महिला महाविद्यालय पी.जी. कॉलेज, किदवई नगर में शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ‘एक घंटा खेल के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में खेल भावना, शारीरिक स्वास्थ्य, अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली एवं टीम भावना को बढ़ावा देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर प्रतिभा श्रीवास्तव ने मेजर ध्यानचंद की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विभिन्न खेलों एवं शारीरिक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विद्यार्थियों की शारीरिक क्षमता एवं फिटनेस स्तर का आकलन करने के लिए शारीरिक शिक्षा विभाग की ओर से शारीरिक दक्षता परीक्षण भी आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण शारीरिक शिक्षा विभाग के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक ‘मोबाइल बनाम खेल का मैदान’ रहा। प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाते हुए बाहरी खेलों एवं नियमित शारीरिक गतिविधियों के महत्व का संदेश दिया।

इस अवसर पर प्रोफेसर दीपाली निगम, विभागाध्यक्षा एवं संयोजिका, खेल समिति ने कहा कि खेलों में सहभागिता से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सहयोग की भावना विकसित होती है।

डॉ. नम्रता पांडे, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी ने भी कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में शारीरिक शिक्षा विभाग एवं खेल समिति के सदस्यों डॉ. दीपाली श्रीवास्तव, डॉ. पूजा श्रीवास्तव एवं डॉ. पारुल अवस्थी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

महाविद्यालय की डॉ. शोभना द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकगण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने भी कार्यक्रम के दौरान अपना सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रोफेसर दीपाली निगम ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘एक घंटा खेल के नाम’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के बीच उत्साह एवं उमंग के साथ संपन्न हुआ। शारीरिक दक्षता परीक्षण और ‘मोबाइल बनाम खेल का मैदान’ नुक्कड़ नाटक ने विद्यार्थियों को स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवनशैली अपनाने का प्रेरक संदेश दिया।

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