लखनऊ स्थित सपा मुख्यालय में अयोध्या धाम के महंत रामदास जी महाराज ने भेंट की पुस्तक; पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय ने हनुमान जी की प्रतिमा भेंट की
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पार्टी के राज्य मुख्यालय स्थित डॉ. लोहिया सभागार में विभिन्न पुस्तकों और धार्मिक-सांस्कृतिक सामग्री से जुड़े कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान अयोध्या धाम के महंत रामदास जी महाराज (बालयोगी) ने अखिलेश यादव को ‘सीइंग इक्वली’ पुस्तक भेंट की।
‘सीइंग इक्वली’ पुस्तक का संपादन अनंतानंद, राम बचन और सुनीता विश्वनाथ ने किया है। पुस्तक की इतिहासविद राजमोहन गांधी द्वारा भी प्रशंसा किए जाने की जानकारी दी गई।
‘दि हिंदुइज्म ऑफ राम’ लेख की चर्चा
पुस्तक के पृष्ठ 80 से 86 तक महंत रामदास जी महाराज का लेख ‘दि हिंदुइज्म ऑफ राम’ प्रकाशित है। इसमें उन्होंने वैष्णव संप्रदाय के संन्यासी के रूप में अपने विचार व्यक्त करते हुए मानव समानता और सर्वधर्म समभाव पर जोर दिया है।
लेख में उन्होंने कहा कि उनके लिए पूरी दुनिया और उसके सभी लोग अपने हैं, चाहे वे स्वयं को हिंदू, मुस्लिम, ईसाई या सिख मानते हों। उन्होंने जाति को महत्वहीन बताते हुए सभी मनुष्यों को समान मानने की बात कही।

‘पीडीए क्रांति’ पुस्तक का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान अखिलेश यादव ने युवा लेखक भरत के. राजभर की पुस्तक ‘पीडीए क्रांति-नए भारत की जन चेतना और लोकतांत्रिक विमर्श’ का विमोचन भी किया।
पुस्तक के लेखक भरत के. राजभर के अनुसार, पीडीए कोई अचानक बना नारा नहीं है, बल्कि भारतीय समाज में सदियों से चली आ रही असमानताओं और वंचनाओं के खिलाफ विकसित सामूहिक चेतना का नाम है। पुस्तक में ‘संविधान रक्षक’ शीर्षक से अखिलेश यादव पर एक अध्याय भी शामिल किया गया है।
संतोष पाण्डेय ने भेंट की हनुमान जी की प्रतिमा
इस अवसर पर सुल्तानपुर जिले के लम्भुआ क्षेत्र के पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय ने अखिलेश यादव को बजरंगबली हनुमान जी की एक सुंदर प्रतिमा भेंट की। अखिलेश यादव ने यह प्रतिमा अयोध्या धाम स्थित करतलिया बाबा आश्रम के महंत रामदास जी महाराज (बालयोगी) को भेंट कर दी।
कार्यक्रम में पुस्तकों के माध्यम से सामाजिक समानता, लोकतांत्रिक विमर्श और धार्मिक-सांस्कृतिक विचारों को लेकर चर्चा हुई।


