
छह पैनल चर्चाओं में स्पोर्ट्स टेक्सटाइल, डिफेंस टेक्सटाइल और हस्तशिल्प के निर्यात पर हुआ मंथन; ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का संकल्प
- शालिनी शर्मा
लखनऊ। इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर में आयोजित दो दिवसीय UP TEX-2026 के समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के हथकरघा, वस्त्र एवं हस्तशिल्प क्षेत्र को वैश्विक बाजार से जोड़ने और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान टेक्सटाइल एवं हैंडीक्राफ्ट क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया।
UP TEX-2026 के अंतर्गत कुल छह महत्वपूर्ण पैनल चर्चाओं में सहभागिता की गई। इनमें ‘Game Plan UP’ के तहत स्पोर्ट्स टेक्सटाइल एवं स्पोर्ट्स गुड्स, ‘SHIELD UP’ में प्रोटेक्टिव एवं डिफेंस टेक्सटाइल तथा ‘Craft to Global Card’ के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हस्तनिर्मित उत्पादों की वैश्विक निर्यात संभावनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह, कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव की उपस्थिति रही।
परंपरा, तकनीक और नवाचार को एक मंच
समापन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध हथकरघा एवं वस्त्र परंपरा प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ लाखों कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है।
UP TEX-2026 के माध्यम से पारंपरिक कला, आधुनिक तकनीक, नवाचार और उद्यमिता को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के वस्त्र एवं हस्तशिल्प क्षेत्र की क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया।

वैश्विक बाजार तक पहुंचे बुनकरों का हुनर
सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाते हुए उनके उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को मजबूती देना है।
वक्ताओं ने कहा कि हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, निर्यात के अवसर और उद्यमिता से जोड़कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
उद्योग विस्तार और रोजगार पर फोकस
UP TEX-2026 को उत्तर प्रदेश के टेक्सटाइल एवं हैंडीक्राफ्ट सेक्टर को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया गया। कार्यक्रम का संदेश रहा—‘बुनकरों का सम्मान, हुनर को पहचान, उद्योग को विस्तार, उत्तर प्रदेश का विकास।’
समापन समारोह में मंत्री राकेश सचान, प्रमुख सचिव हथकरघा अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक हथकरघा के. विजेंद्र पांडियन, विशेष सचिव हथकरघा शेषमणि पांडेय, महासचिव सीआईटीआई चंद्रिमा चटर्जी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।


