
पांच म्यूल करंट खातों से 16.3 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा, 322 शिकायतों की जांच में जुटी पुलिस
- ऋषभ कुमार
कानपुर नगर। कमिश्नरेट पुलिस और पश्चिम जोन की साइबर क्राइम सेल की संयुक्त टीम ने देशभर में करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े एक अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने प्रेसवार्ता कर मामले की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) की नियमित मॉनिटरिंग के दौरान एक संदिग्ध करंट अकाउंट पुलिस की निगरानी में आया। जांच में सामने आया कि इस खाते के संबंध में देश के अलग-अलग राज्यों से 116 शिकायतें दर्ज थीं और खाते के माध्यम से करीब 8 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था।
डीसीपी पश्चिम ने बताया कि खाते से जुड़े डायरेक्टर विपिन कुमार और शिवप्रताप से पूछताछ के दौरान पुलिस को औरैया निवासी राजशेखर और कानपुर देहात के रनिया निवासी हिमांशु गौतम के बारे में जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों ने मिलकर फर्जी फर्म तैयार कर बैंक खाता खुलवाया था।
जांच को आगे बढ़ाने पर पुलिस को गिरोह द्वारा संचालित पांच म्यूल करंट खातों की जानकारी मिली। इन खातों के माध्यम से करीब 16.3 करोड़ रुपये की संदिग्ध धनराशि का लेनदेन सामने आया। पुलिस के अनुसार, इन पांच खातों से जुड़े मामलों में NCRP पोर्टल पर देश के विभिन्न हिस्सों से कुल 322 शिकायतें दर्ज मिलीं। शिकायतों में बताई गई ठगी की कुल राशि करीब 250 करोड़ रुपये आंकी गई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर फर्जी फर्म तैयार करते थे और बैंक की स्थानीय शाखाओं में म्यूल करंट अकाउंट खुलवाते थे। खाते सक्रिय होने के बाद अलग-अलग होटलों में ठहरकर एपीके फाइलों के जरिए ऑनलाइन गेमिंग और साइबर अपराध से जुड़ी रकम इन खातों में मंगाई जाती थी।
पुलिस ने बताया कि खातों में भारी मात्रा में संदिग्ध लेनदेन होने के बावजूद बैंक स्तर से कार्रवाई नहीं किए जाने और पुलिस को सूचना न देने के पहलू की भी जांच की जा रही है। मामले में संबंधित बैंक कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने की बात सामने आई है, जिसकी गहन जांच जारी है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विपिन कुमार (28), शिवप्रताप (25), राजशेखर उर्फ अजीत (28) और हिमांशु गौतम (21) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, थाना रावतपुर में दर्ज मुकदमे के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों, फर्जी फर्मों, बैंक खातों और देशभर में दर्ज साइबर अपराध की शिकायतों के बीच संबंधों की जांच कर रही है।


