वन्यजीव संरक्षण पर हुई प्रश्नोत्तरी, विशेषज्ञों ने जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन के महत्व पर छात्राओं को किया जागरूक
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। दयानंद गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, कानपुर के जंतु विज्ञान विभाग की ओर से वन्यजीव सप्ताह समारोह (Wildlife Week Celebration) का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर वंदना निगम, निदेशिका प्रोफेसर अर्चना वर्मा, मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर अर्चना श्रीवास्तव, कार्यालय अधीक्षक सहित अन्य सम्मानित अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम के दौरान जंतु विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अंजली श्रीवास्तव ने वन्यजीव सप्ताह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिक तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं। प्रकृति में मौजूद प्रत्येक जीव पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने छात्राओं से वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशील एवं जिम्मेदार व्यवहार अपनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर डॉ. कंचन मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि वन्यजीवों का संरक्षण केवल सरकार या वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आवासों का संरक्षण, प्रदूषण को कम करना, प्राकृतिक संसाधनों का उचित उपयोग और जैव विविधता की रक्षा जैसे प्रयासों के माध्यम से आम नागरिक भी वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
कार्यक्रम में छात्राओं की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से विभाग की प्रवक्ता डॉ. शालिनी शुक्ला द्वारा वन्यजीव संरक्षण विषय पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। क्विज सेशन में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वन्यजीवों, जैव विविधता एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न सवालों के जवाब दिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग की प्रोफेसर सुनीता आर्या, डॉ. अमिता श्रीवास्तव, डॉ. ईशिता पांडे एवं डॉ. रचना सिंह का विशेष योगदान रहा। विभाग के शिक्षणेतर कर्मचारियों ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का समापन छात्राओं एवं उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता की रक्षा और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार व्यवहार अपनाने के संकल्प के साथ हुआ। समारोह ने छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ वन्यजीवों के महत्व को समझने का संदेश भी दिया।


