
मेदांता के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने की फायर सर्विस कर्मियों की स्वास्थ्य जांच, सीपीआर और आग से झुलसे व्यक्ति के प्राथमिक उपचार की दी जानकारी
- ऋषभ तिवारी
कानपुर। उद्योग और व्यापार की अग्रणी संस्था फैसिलिटेशन फॉर इंडस्ट्रीज एंड ट्रेड एसोसिएशन (फीटा) की ओर से सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को फजलगंज स्थित होटल लेजेंड के मीटिंग हॉल में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए चिकित्सा जांच शिविर एवं बेसिक लाइफ सेफ्टी प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य फायर सर्विस कर्मियों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ आपात परिस्थितियों में जीवन बचाने की आधुनिक तकनीकों की जानकारी देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल तथा मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने किया। शिविर में गुड़गांव स्थित मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं प्रशिक्षकों की टीम ने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य संबंधी जांच एवं बेसिक लाइफ सेफ्टी का प्रशिक्षण दिया।
फायर कर्मियों की हुईं कई महत्वपूर्ण जांचें
स्वास्थ्य जांच शिविर में 100 से अधिक फायर सर्विस कर्मियों, उद्यमियों एवं व्यापारियों ने हिस्सा लिया। चिकित्सकों की टीम ने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, बोन डेंसिटी, ईसीजी, लंग्स कैपेसिटी सहित कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जांचें कीं। जांच के बाद प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया और आवश्यकतानुसार दवाओं के संबंध में सलाह प्राप्त की।
मेदांता अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विजय शर्मा एवं डॉ. मयंक सिंह ने फायर सर्विस कर्मियों की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस पहल से कर्मचारियों को अपने स्वास्थ्य की स्थिति जानने के साथ भविष्य में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को समय रहते पहचानने और उनसे बचाव के उपाय अपनाने का अवसर मिला।
सीपीआर प्रशिक्षण में बताई जीवन बचाने की तकनीक
कार्यशाला में बेसिक लाइफ सपोर्ट ट्रेनर प्रियेश मिश्रा ने प्रतिभागियों को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) की बारीकियां समझाईं। उन्होंने बताया कि हृदय गति रुकने के बाद का शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसे गोल्डन पीरियड के रूप में देखा जाता है। इस दौरान सही तरीके से सीपीआर देकर मरीज को अस्पताल पहुंचने तक जीवनरक्षक सहायता दी जा सकती है।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को बेसिक लाइफ सपोर्ट का प्रशिक्षण लेना चाहिए, ताकि आपात स्थिति में वह स्वयं के साथ-साथ आसपास मौजूद किसी व्यक्ति की जान बचाने में मदद कर सके।
आग से झुलसे व्यक्ति के प्राथमिक उपचार की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान आग से झुलसे व्यक्ति को प्राथमिक उपचार देने के तरीकों की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि जलने की स्थिति में प्रभावित हिस्से को साफ बहते पानी से ठंडा करना, उसे स्वच्छ कपड़े से ढकना तथा आवश्यकता के अनुसार तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
फायर रेस्क्यू के दौरान धुएं के कारण सांस की नली और फेफड़ों पर पड़ने वाले प्रभाव तथा ऐसे मामलों में प्राथमिक उपचार के बारे में भी विस्तार से बताया गया। फायर कर्मियों को आपात स्थिति में धुएं से प्रभावित व्यक्ति की पहचान और उसे सुरक्षित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के तरीकों से अवगत कराया गया।

सभी फायर स्टेशनों पर ऐसे शिविर लगाने की अपील
मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा ने कहा कि इस तरह के स्वास्थ्य जांच एवं प्रशिक्षण शिविर बेहद उपयोगी हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे शिविर कानपुर के सभी 12 अग्निशमन केंद्रों पर आयोजित किए जाएं, ताकि अग्निशमन विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी नियमित रूप से अपने स्वास्थ्य की जांच करा सकें।
उन्होंने कहा कि जो फायर कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की जिंदगी और संपत्ति की रक्षा करते हैं, उनका स्वस्थ रहना भी उतना ही जरूरी है। नियमित स्वास्थ्य जांच और प्रशिक्षण से उन्हें अपने कर्तव्यों का निर्वहन और अधिक दक्षता से करने में मदद मिलेगी।
समाज के लिए काम करने वाले फायर कर्मियों का ऋण चुकाना जरूरी : उमंग अग्रवाल
फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने कहा कि अग्निशमन विभाग के कर्मचारी आग और अन्य आपात परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर आम लोगों की सुरक्षा करते हैं। ऐसे कर्मियों के प्रति समाज का भी दायित्व है कि उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए समय-समय पर सहयोग किया जाए।
उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से फीटा की ओर से स्वास्थ्य जांच शिविर और बेसिक लाइफ सेफ्टी प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई है। उन्होंने बताया कि सीपीआर जैसी जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी केवल फायर कर्मियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आम नागरिकों को भी इसका प्रशिक्षण मिलना चाहिए।
आगे भी आयोजित होंगे स्वास्थ्य शिविर
मेदांता अस्पताल गुड़गांव के कोऑर्डिनेटर अनुराग द्विवेदी ने बताया कि अस्पताल की ओर से फीटा द्वारा सुझाए गए स्थानों पर भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जांच शिविर और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अधिक से अधिक लोगों को जीवनरक्षक तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना है।
फजलगंज के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी परमानंद पांडेय ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों से प्रशिक्षण का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया।
उद्यमियों ने भी लिया प्रशिक्षण
कार्यशाला में फीटा के मनीष मतानी, अरुण ओमर, अभिषेक अग्रवाल, अंकित गुप्ता, प्रदीप केडिया, रजत गुप्ता, पुनीत मित्तल, शिवकुमार गुप्ता सहित कई उद्यमी एवं व्यापारी शामिल हुए।
अग्निशमन विभाग की ओर से मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा, अग्निशमन अधिकारी शिवदरस प्रसाद एवं कैलाश चन्द्र, फजलगंज के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी परमानंद पांडेय, जाजमऊ के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी राहुल नन्दन, किदवई नगर के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी कामता प्रसाद, पनकी के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी मो. समीम तथा एयरपोर्ट के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी सुधीर कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में रामअकबाल सिंह, ब्रिजेन्द्र पाल सिंह, सन्तोष कुमार, सुदेश कुमार, सुखदेव सिंह, सन्दीप कुमार, पप्पू सरोज, दुपत, सतेन्द्र राजपूत, शैलेन्द्र सिंह, राजेश सिंह सेंगर, धर्मेन्द्र सिंह, मोनू कुमार, सुनील कुमार, अखलेश कुमार, बृजेश कुमार, रामदेव, मधुर कुमार, मनोज कुमार, अंकुर मिश्रा, अनिल कुमार सिंह, आनन्द कुमार, अनुपम कुमार तिवारी, सचिन कुमार, प्रशान्त कुमार, शैलश नायक, जगत रावत, विवेक कुमार, सत्यप्रकाश शुक्ला, हिमांशु शुक्ला, सुनील द्विवेदी, अजीत पटेल, राज सिंह, अभिषेक कुमार, श्रवण कुमार, मोहित कुमार, मो. दानिश, विश्वप्रताप सिंह, रंजीत कुमार मौर्य, आदर्श प्रताप, रामप्रकाश, शैलेन्द्र सिंह, चरन सिंह, सुखवीर सिंह, उमेश कुमार, अर्जुन प्रसाद, सन्दीप कुमार, सतीश कुमार, सतेन्द्र सिंह, सुलभ सोनकिया, खिलेश दत्त त्रिपाठी, द्रगपाल सिंह, गोविन्दा सिंह, मनीष यादव एवं सुखसागर सहित सौ से अधिक फायर सर्विस कर्मियों, उद्यमियों एवं व्यापारियों ने स्वास्थ्य जांच एवं प्रशिक्षण का लाभ लिया।


