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पुराने श्रमिकों को हटाने के विरोध में इंडियन ऑयल कर्मचारियों का लंच बहिष्कार

पाइपलाइन प्रभाग के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन, यूनियन ने श्रमिकों की बहाली और पूर्व समझौतों के पालन की मांग की

  • हरिओम गुप्ता

कानपुर नगर। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पाइपलाइन प्रभाग में पिछले 20 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे अनुभवी श्रमिकों को कथित तौर पर हटाए जाने के विरोध में कर्मचारियों का आक्रोश सामने आया। इंडियन ऑयल पाइपलाइन वर्कर्स यूनियन के आह्वान पर कर्मचारियों ने मध्याह्न भोजन का बहिष्कार करते हुए कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान यूनियन के उप सभापति के.के. झा ने प्रबंधन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्षों से कार्यरत अनुभवी श्रमिकों को बिना ठोस कारण के काम से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित श्रमिकों और उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

यूनियन पदाधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान अपनी प्रमुख मांगों को दोहराया। उन्होंने कहा कि हटाए गए सभी अनुभवी श्रमिकों को तत्काल कार्य पर वापस लिया जाए। इसके साथ ही पूर्व में हुए समझौतों और लागू श्रम नियमों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाए।

यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि श्रमिकों की मांगों को लेकर शुरू किया गया आंदोलन केवल कानपुर तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में एक दिन छोड़कर लंच बहिष्कार का आंदोलन शुरू किया गया है। यूनियन ने कहा कि यदि प्रबंधन ने श्रमिकों की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आंदोलन आगे बढ़ता है तो इसका असर पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

प्रदर्शन और लंच बहिष्कार के दौरान यूनियन के महामंत्री आलोक कुमार, कोषाध्यक्ष शाहिद अली, आशीष गौतम और नीतीश कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं श्रमिक मौजूद रहे। कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और श्रमिकों की बहाली होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही।

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