वाराणसी में टी-20 दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ, पहले मुकाबले में उत्तर प्रदेश ने बिहार को 9 रन से हराया, बंगाल ने ओडिशा को 8 विकेट से दी शिकस्त
- रोशनी सिंह
वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प माह के अंतर्गत वाराणसी में सेवा संकल्प ट्रॉफी 2026 टी-20 दिव्यांग क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि काशी दिव्यांग क्रिकेट के विकास का प्रमुख केंद्र बनेगी।
डॉ. निशंक ने कहा कि वाराणसी में पिछले दस वर्षों से दिव्यांग क्रिकेट को मिल रहा प्रोत्साहन सराहनीय है। उचित अवसर और मंच मिलने पर दिव्यांग खिलाड़ी अपनी प्रतिभा के दम पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। सेवा संकल्प ट्रॉफी जैसे आयोजन खिलाड़ियों को पहचान दिलाने और समाज में समावेशी खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने दिव्यांगजनों के विकास और सशक्तीकरण में सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि विधान परिषद सदस्य अन्नपूर्णा सिंह ने दिव्यांगजनों के विकास और सशक्तीकरण के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया ने की। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों के सर्वांगीण विकास और समाज की मुख्यधारा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
परिचय एवं टॉस कार्यक्रम में पूर्व विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह और विधायक सौरभ श्रीवास्तव मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रतियोगिता की सफलता की शुभकामनाएं दीं।
समारोह में पद्मश्री सम्मानित विमल जैन, राहुल गुप्ता, रोहित गुप्ता, रोशन द्विवेदी, अखिलेश यादव, प्रांजल अग्रहरि, शशि भूषण त्रिपाठी, रविकांत सिंह, शैलेश त्रिपाठी, संयोजक वीरभद्र सिंह और मीडिया प्रभारी डॉ. मनोज तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति, पदाधिकारी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
आयोजन समिति के अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह ने अतिथियों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन ऑल इंडिया दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव डॉ. संजय चौरसिया ने किया। दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. उत्तम ओझा ने अतिथियों, खिलाड़ियों, आयोजकों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया।

उत्तर प्रदेश ने बिहार को 9 रन से हराया
टूर्नामेंट का पहला मुकाबला उत्तर प्रदेश और बिहार की दिव्यांग क्रिकेट टीमों के बीच खेला गया। बिहार ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए उत्तर प्रदेश की टीम ने निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 119 रन बनाए। ओमवीर ने 19 गेंदों पर दो शानदार छक्कों की मदद से सर्वाधिक 22 रन बनाए।
बिहार की ओर से एमडी संजूर ने चार ओवर में 16 रन देकर दो विकेट लिए, जबकि अजय कुमार ने चार ओवर में 18 रन देकर दो विकेट हासिल किए।
120 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी बिहार की टीम निर्धारित 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 110 रन ही बना सकी। इस तरह उत्तर प्रदेश ने नौ रन से मुकाबला जीत लिया। बिहार की ओर से राजीव और अमित कुमार ने 17-17 रन बनाए। उत्तर प्रदेश के ओमवीर ने शानदार गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 15 रन देकर तीन विकेट झटके। उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए उन्हें मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
बंगाल ने ओडिशा को आठ विकेट से दी शिकस्त
दिन-रात्रि का दूसरा मुकाबला ओडिशा और बंगाल की दिव्यांग क्रिकेट टीमों के बीच दूधिया रोशनी में खेला गया। बंगाल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ओडिशा की टीम 66 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। ओडिशा की ओर से नरेश ने 26 गेंदों पर दो चौकों की मदद से सर्वाधिक 29 रन बनाए।
बंगाल की ओर से मुदसर खान ने घातक गेंदबाजी करते हुए 2.5 ओवर में आठ रन देकर छह विकेट हासिल किए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बंगाल की टीम ने आठ विकेट से जीत दर्ज की। बंगाल की ओर से सुकुमार ने 18 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 38 रन बनाए। ओडिशा की ओर से योगेंद्र ने दो ओवर में 22 रन देकर एक विकेट लिया। शानदार गेंदबाजी के लिए मुदसर खान को मैन ऑफ द मैच चुना गया।
दर्शकों से खचाखच भरा रहा मैदान
दोनों मुकाबलों के दौरान मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा। दिव्यांग खिलाड़ियों के शानदार चौकों, छक्कों और बेहतरीन कैच पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वरुण सिंह ने मैचों की शानदार कमेंट्री की।
सेवा संकल्प ट्रॉफी 2026 का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना और खेलों में समान भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह आयोजन दिव्यांग खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने तथा समाज में समावेशी खेल संस्कृति विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।


