गोविंदनगर के दुर्गा मंदिर में नवरात्र के पहले दिन हुआ हवन-पूजन, 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क वापस लेने की मांग
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। यूपीआई भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) शुल्क लगाए जाने के विरोध में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल की ओर से नवरात्र के पहले दिन गोविंदनगर स्थित दुर्गा मंदिर में ‘व्यापार बचाओ हवन पूजन’ का आयोजन किया गया। व्यापारियों ने हवन में आहुतियां देकर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था को वापस लेने की मांग उठाई। इस दौरान हाथों में पोस्टर लेकर व्यापारियों ने ‘यूपीआई पर एमडीआर शुल्क मंजूर नहीं’ के नारे भी लगाए।
कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र, जिलाध्यक्ष विजय गुप्ता गोरे, प्रदेश मंत्री रोशन गुप्ता, जिला वरिष्ठ महामंत्री मनीष गुप्ता सलोने, जिला युवा अध्यक्ष आशीष मिश्र, प्रदेश संगठन मंत्री संजय भदौरिया, जिला कोषाध्यक्ष मनोज गुप्ता कुक्कू और दक्षिण व्यापार मंडल अध्यक्ष कमल उत्तम ने किया। पंडित मोहित शास्त्री ने मंत्रोच्चार के साथ हवन-पूजन संपन्न कराया, जिसमें व्यापारियों ने आहुतियां दीं।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क लगाने की व्यवस्था से व्यापारियों की लागत बढ़ने की आशंका है। उन्होंने कहा कि नवरात्र और दीपावली जैसे प्रमुख त्योहारों के दौरान इस तरह का शुल्क व्यापारिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। उनके अनुसार, कुछ व्यापारी अतिरिक्त शुल्क की आशंका के चलते ग्राहकों से नकद भुगतान करने का आग्रह करने लगे हैं।
ज्ञानेश मिश्र ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज व्यापारिक लेनदेन का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर शुल्क लगाने से डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के प्रयास प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर पुनर्विचार कर प्रस्तावित शुल्क को वापस लेने की मांग की।
व्यापारियों ने एमडीआर शुल्क पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगाए जाने को लेकर भी चिंता जताई। ज्ञानेश मिश्र के मुताबिक, इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से ऐसे अपंजीकृत व्यापारी, जिन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं मिलता, इस अतिरिक्त लागत से प्रभावित हो सकते हैं।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आगामी दीपावली सहित त्योहारों के मौसम में डिजिटल भुगतान की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में सरकार को व्यापारियों और ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यूपीआई पर एमडीआर शुल्क लगाने की व्यवस्था को वापस लेने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
हवन-पूजन के समापन पर व्यापारियों ने एकजुट होकर प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और डिजिटल भुगतान व्यवस्था को सरल एवं किफायती बनाए रखने की मांग की।
नोट: एमडीआर शुल्क लागू होने की तारीख, दर और जीएसटी से संबंधित विवरण संगठन की ओर से दी गई जानकारी पर आधारित हैं। इनके आधिकारिक प्रावधानों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।


