
काकादेव स्थित पटेल चौराहे पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, विधायक सुरेंद्र मैथानी रहे मुख्य रूप से उपस्थित; प्रतिमा का अभिषेक कर अर्पित की गई श्रद्धांजलि
- सौम्या पाण्डेय
कानपुर नगर। भारत रत्न एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती एवं राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को काकादेव स्थित पटेल चौराहे पर पटेल महिला समिति द्वारा भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से माननीय विधायक सुरेंद्र मैथानी उपस्थित रहे। इस दौरान समिति के सदस्यों एवं क्षेत्रीय लोगों ने सरदार पटेल को श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा को गंगाजल एवं दूध मिश्रित जल से स्नान कराकर किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर सरदार पटेल के जीवन परिचय और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नाडियाद में एक कृषक परिवार में हुआ था। वे स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री रहे। किशोरावस्था से ही उनके भीतर अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और संघर्ष करने का जज्बा था।

स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने बारडोली सत्याग्रह में किसानों के करबंदी आंदोलन का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व और संघर्ष से प्रभावित होकर वहां की महिलाओं ने उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि प्रदान की थी। इसके बाद वे पूरे देश में सरदार पटेल के नाम से प्रसिद्ध हुए।
स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक विभिन्न रियासतों का एकीकरण था। सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कूटनीतिक सूझबूझ और अदम्य साहस के बल पर 562 से अधिक रियासतों को भारतीय संघ में मिलाकर अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। उनकी प्रशासनिक क्षमता, स्पष्ट विचारों और राष्ट्र के प्रति समर्पण के कारण उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके आदर्श हमें राष्ट्र के प्रति समर्पण, त्याग, अनुशासन और संगठन की शक्ति का संदेश देते हैं। आज आवश्यकता है कि सभी आयु वर्ग के लोग उनके विचारों को अपने जीवन में अपनाएं और देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव को बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
इस अवसर पर नमिता कटियार, शशि सिंह, रेखा कनौजिया, उषा सचान, शुभम, अनुराधा सिंह, रामकुमारी, केशकांति, रेखा सचान, बीना उत्तम, अजीत सिंह, अलंकार, मोहित, रमा कटियार, रामकृष्ण कटियार, संतोष कटियार, सुमन लता, हरिराम कटियार सहित समिति के अन्य सदस्य एवं क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के संकल्प के साथ हुआ।


