
नवीन सभागार में आयोजित हुआ कार्यक्रम, देशी रियासतों के एकीकरण और आधुनिक भारत के निर्माण में लौहपुरुष के ऐतिहासिक योगदान को किया गया याद
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। भारत रत्न एवं लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर कानपुर नगर के नवीन सभागार में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस दौरान देश की एकता, अखंडता और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए राष्ट्रीय एकता की सामूहिक शपथ ली गई।
कार्यक्रम के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व के बल पर देश के सामने मौजूद राष्ट्रीय एकीकरण की बड़ी चुनौती का सामना किया। उनके अथक प्रयासों से एक सशक्त एवं एकीकृत भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ और आधुनिक भारत की एकता एवं अखंडता की मजबूत आधारशिला रखी गई।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने की शपथ ली। साथ ही देशवासियों के बीच राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रसारित करने तथा देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में अपना योगदान देने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्साधिकारी, अपर नगर मजिस्ट्रेटगण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सभी ने सरदार पटेल के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखकर अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। सरदार पटेल के विचार और उनके द्वारा किए गए ऐतिहासिक कार्य आज भी देशवासियों को संगठित रहने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।


