500 से अधिक सदस्यों एवं अतिथियों ने लिया हिस्सा, कथक रॉकर्स की शानदार प्रस्तुति रही आकर्षण का केंद्र; महिला उद्यमियों और ग्रामीण कारीगरों के उत्पादों की प्रदर्शनी ने दिखाई आत्मनिर्भरता की झलक
- हरिओम गुप्ता
कानपुर। दीपावली के पावन पर्व की खुशियों और उत्साह को साझा करने के उद्देश्य से फिक्की फ्लो कानपुर द्वारा भव्य दीपावली उत्सव का आयोजन किया गया। संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मेलजोल से सजे इस कार्यक्रम में 500 से अधिक सदस्यों एवं अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंगारंग आयोजन ने उपस्थित लोगों को मनोरंजन के साथ-साथ सामाजिक जुड़ाव और महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया।
यह उत्सव पारंपरिक भारतीय पर्व की सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक भावना का अनूठा संगम रहा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कुमार शर्मा के नेतृत्व में Kathak Rockers की शानदार संगीतमय प्रस्तुति रही। शास्त्रीय कथक नृत्य और समकालीन रॉक संगीत के अनूठे मिश्रण ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों की प्रस्तुति पर उपस्थित लोगों ने जमकर तालियां बजाईं और कार्यक्रम का आनंद लिया।
महिला उद्यमियों और ग्रामीण कारीगरों को मिला मंच
आयोजन का एक विशेष एवं सार्थक आकर्षण फिक्की फ्लो द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी रही। आकर्षक ढंग से सजाए गए स्टॉल्स पर ग्रामीण कारीगरों और महिला उद्यमियों के हुनर, रचनात्मकता एवं उद्यमशीलता की झलक देखने को मिली।
प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय प्रतिभाओं और महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों एवं कार्यों को प्रदर्शित करने का अवसर मिला। यह पहल महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के प्रति फिक्की फ्लो की प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।

कई गणमान्य सदस्य एवं अतिथि रहे उपस्थित
कार्यक्रम में सुमन सिंह, आरुषि गर्ग, कनिका वेद, कीर्ति श्रॉफ, स्नेहा गुप्ता, दीपा अग्रवाल, मानित सहगल, पायल भल्ला और गायत्री भार्गव सहित फिक्की फ्लो के अनेक सदस्य एवं अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने दीपावली उत्सव का आनंद लेते हुए एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं।
संस्कृति, समुदाय और सशक्तिकरण का अनूठा संगम
इस अवसर पर कहा गया कि फिक्की फ्लो कानपुर ऐसे आयोजनों के माध्यम से संस्कृति, समुदाय और सामाजिक सरोकारों को एक साझा मंच प्रदान करने का प्रयास करता है। इसका उद्देश्य प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाना है।
दीपावली उत्सव ने जहां भारतीय संस्कृति और परंपराओं की सुंदरता को प्रदर्शित किया, वहीं महिला सशक्तिकरण, आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सहभागिता का भी प्रभावशाली संदेश दिया। संगीत, उल्लास और सामाजिक जुड़ाव से भरपूर यह आयोजन उपस्थित लोगों के लिए यादगार बन गया।


