संस्था महिला सखियों द्वारा नव उमंग- नवउल्लास महापर्व बैसाखी आनंदोत्सव अंतर्गत नारी सशक्तिकरण कार्यशाला संपन्न

अमन कुमार
झाँसी। सामाजिक संस्था नव-प्रभात के तत्वाधान में महानगर महिला प्रकोष्ठ कृति द्वारा सभी आयु वर्ग की महिलाओं लड़कियों को सशक्त व स्वाबलंबी बनाये जाने के उद्देश्य से नारी अंतर्मन की रचनात्मक / सृजनात्मक प्रतिभाओं का सर्वोत्कृष्ट विकास करने में सहयोगी महिला सदस्यों के आनंद-उल्लास- मनोरंजन समूह ग्रुप कृति फ्रेंडस क्रिएटिविटी क्लब की महिला सदस्यों द्वारा नव उमंग नव उल्लास महापर्व बैसाखी आनंदोत्सव के शुभ अवसर पर एकदिवसीय नारी सशक्तिकरण संकल्प संग आनंदोत्सव कार्यशाला का आयोजन स्थानीय लाइट हाउस कैफे,झांसी में किया गया।
आनंदोत्सव कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संस्था महिला प्रकोष्ठ कृति राष्ट्रीय अध्यक्ष रूपम अग्रवाल उपस्थित रहीं। आनंद उत्सव कार्यक्रम की अध्यक्षता समूह सखी अध्यक्ष कावेरी यादव ने की।
आनंदोत्सव में उपस्थित सभी सखियों ने नव उमंग-नव उल्लास महापर्व बैसाखी की पावन बेला पर आयोजित आनंदोत्सव अंतर्गत सखी कुसुम कैथवास् व प्रेमलता वर्मा, शिमला साहू एवम अन्य सभी सखियों ने पंजाबी ड्रेस कोड मे मनोरंजक वातावरण समायोजित कर स्वयं के अंतर्मन में छुपी हुई प्रसन्नता को सभी सखियों के सानिध्य में हंसी खुशी एवं आत्मिक खुशियों के रूप में महसूस किया।

आनंदोत्सव कार्यशाला में मुख्य अतिथि संस्था अध्यक्ष रूपम अग्रवाल ने आनंदोत्सव कार्यशाला खेलकूद मनोरंजन में सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली सखियों प्रथम गिफ्ट विजेता चैंपियन कविता श्रीवास्तव, सेकंड विजेता रुचि निगम, थर्ड विजेता मुन्नी सोनी, रहे इसी क्रम में परफॉर्मेंस विजेता चैंपियन कुसुम कैथवास, कावेरी यादव , प्रेमलता वर्मा , शिमला साहू को बैसाखी परिधान विशेष सरप्राइस गिफ्ट देकर सम्मानित किया।
आनंदोत्सव कार्यशाला के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि संस्था अध्यक्ष रूपम अग्रवाल ने वीर भूमि झांसी सहित संपूर्ण भारतीय राष्ट्र की सभी सखियों को उदबोधित करते हुए कहा कि सृष्टि में मनाए जाने वाले प्रत्येक तीज त्यौहार का एकमात्र उद्देश्य संपूर्ण मानवमात्र में वसुधैव कुटुंकम की भांति आत्मिक प्रसन्नता, उमंग, उल्लास, मानवता, सहृदयता, सहिष्णुता, दया भाव, करुणा जैसे मानवीय गुण अंतर्मन में प्रस्फुटित करने का माध्यम है, उन्होंने कहा कि बैसाखी पर्व के साथ साथ हम सभी भारतीय संस्कृति के प्रत्येक तीज त्यौहारों को संकल्प दिवस के रूप में मनाए यह संकल्प स्वयं की रचनात्मक / सृजनात्मक प्रतिभाओं के चहुमुंखी विकास से स्वयं के जीवन को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी बन सकता है। वहीं दूसरी ओर संस्थागत प्रयासों में सहभागिता करते हुए सभी महिलाओं बेटियों का यह प्रमुख दायित्व है कि वह स्वयं रानी लक्ष्मीबाई बनकर अपने अपने आस पास की प्रतिभावान महिलाओं व बेटियो को आत्म रक्षा- स्व सुरक्षा सुझाव बिंदु सिखलाने का संकल्प लें ताकि सीखो और सिखाओ मंच की इस कार्य प्रक्रिया में सभी मातृ शक्ति सखियाँ अपने सुरक्षात्मक पहलुओ के चहुमुखी विकास के साथ-साथ समाज की हर बेटी को भी सुरक्षित व सशक्त बनाने का सतत प्रयास करते रहें। जिससे भावी नवीन युवा पीढ़ी आनंद,उत्साह,उमंग, उल्लास के आनंदमयी वातावरण में ओजस्वी भारतीय संस्कृति की आभा परिलक्षित करवाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
आनंद उत्सव कार्यक्रम का संचालन अनुशासन संयोजिका अर्चना अग्रवाल ने किया। अंत में संस्था अनुशासन निगरानी प्रभारी सौरभ अवस्थी ने सभी का आभार व्यक्त किया। आनंद उत्सव कार्यक्रम में रूपम अग्रवाल, प्रिया अवस्थी,अर्चना अग्रवाल सहित प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सभी सखियों, सम्मानित सदस्यगणों एवम मीडिया बंधुओ का विशेष सहयोग एवं योगदान सराहनीय रहा।



