साध्वी प्रज्ञा ने किया अनिरुद्धाचार्य का समर्थन, कहा – “सनातन धर्म में लिव-इन स्वीकार्य नहीं”

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि जब माता-पिता बच्चों को संस्कार नहीं दे पाते, तो बच्चियां अर्धनग्न दिखाई देती हैं और इससे समाज में दुराचार भी बढ़ते हैं।
- समय टुडे डेस्क।
भोपाल की पूर्व सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य के लिव-इन रिलेशनशिप पर दिए बयान का समर्थन किया है। रविवार को वह वृंदावन स्थित गौरी गोपाल आश्रम पहुंचीं और अनिरुद्धाचार्य महाराज से मुलाकात की। इस दौरान साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि “सनातन धर्म में लिव-इन स्वीकार्य नहीं है, चाहे अदालत कुछ भी कहे।”
“बच्चों को संस्कार और मर्यादा सिखाना जरूरी”
साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि अनिरुद्धाचार्य का बयान समाज की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने कहा –
“जब समाज में लिव-इन जैसे परिदृश्य बढ़ते हैं तो दुराचार की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। माता-पिता बच्चों को मर्यादा और संस्कार सिखाने में असफल रहते हैं। माताओं को बेटियों को मर्यादा सिखानी चाहिए और साथ ही बेटों को भी अनुशासन का पाठ पढ़ाना चाहिए।”
“बेटों से भी पूछा जाए घर लौटने का समय”
पूर्व सांसद ने कहा कि जैसे बेटियों से घर लौटने का समय पूछा जाता है, वैसे ही बेटों से भी पूछा जाना चाहिए। “घर के नियम सभी पर समान रूप से लागू हों। अनुशासन समाज को सही दिशा देता है और इससे विकृति पर रोक लगती है।”

“संयुक्त परिवार हमारी संस्कृति की पहचान”
साध्वी प्रज्ञा ने संयुक्त परिवार व्यवस्था की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि यह परंपरा केवल भारत में है और यह बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने गुजरात, उत्तर प्रदेश और राजस्थान का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां संयुक्त परिवार आज भी मजबूती से कायम हैं।
अनिरुद्धाचार्य ने भी दोहराई मर्यादा की बात
साध्वी प्रज्ञा की बात का समर्थन करते हुए अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि बेटा हो या बेटी, सभी को शिक्षा के साथ मर्यादा भी सिखाई जानी चाहिए। “हम राम के उपासक हैं और श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाते हैं। ऐसे में समाज को भी मर्यादित आचरण अपनाना चाहिए।”
विवादित बयान पर बढ़ी बहस
गौरतलब है कि हाल ही में अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन संबंधों पर विवादित बयान दिया था, जिसके बाद बहस छिड़ गई थी। अब साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने उनका समर्थन करते हुए कहा है कि “सनातन धर्म में लिव-इन की कोई मान्यता नहीं है।”



