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विद्यालय के बच्चे देश का भविष्य, स्कूली वाहनों की सुरक्षा पर सभापति का जोर

  • अमन कुमार / प्रियंका सिंह

झांसी। विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने कहा कि विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए।

कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में आयोजित जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक को संबोधित करते हुए सभापति ने कहा कि बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं से बचाने के लिए माता-पिता को अपने 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को वाहन उपलब्ध नहीं कराना चाहिए। यदि इसके बावजूद कोई छात्र दोपहिया वाहन से विद्यालय आता है तो इसकी जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन और प्रधानाचार्य की होगी।

उन्होंने कहा, “सड़क पर चलने वाले प्रत्येक नागरिक का जीवन महत्वपूर्ण है और इसे सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है।”

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बताया कि उच्चतम न्यायालय द्वारा स्कूली वाहनों से संबंधित जो मानक तय किए गए हैं, उनका पालन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इसके लिए डीआईओएस, एआरटीओ और प्रधानाचार्य जिम्मेदार होंगे। साथ ही सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि वे विद्यार्थियों को प्रतिदिन सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करें।

एआरटीओ हेमचन्द्र गौतम ने जानकारी दी कि जिन वाहनों की आयु पूर्ण हो चुकी है, उनका पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। यदि ऐसे वाहन सड़क पर चलते पाए गए तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पवन कुमार गौतम, विधायक मऊरानीपुर डॉ. रश्मि आर्य, एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी, रामतीर्थ सिंघल, रमा निरंजन, मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय, डीआईओएस रति वर्मा, बीएसए विपुल शिव सागर सहित कई विद्यालयों के प्रधानाचार्य और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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