कवयित्री महाकुंभ में 105 महिलाओं ने रचा विश्व रिकॉर्ड, कानपुर की डॉ. सुषमा सेंगर ने बढ़ाया शहर का गौरव

- अमित कुमार तिवारी
गोला गोकर्णनाथ (खीरी)। कपिलश फाउंडेशन द्वारा आयोजित ऐतिहासिक कवयित्री महाकुंभ में 105 कवयित्रियों ने 55 घंटे लगातार काव्य पाठ कर विश्व रिकॉर्ड बना दिया। यह आयोजन रॉयल लॉन, गोला गोकर्णनाथ में तीन दिनों तक निरंतर चला और द बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, दुबई द्वारा मान्यता प्राप्त हुआ।
इस महाकुंभ का मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक चेतना का प्रसार था। देशभर से आईं राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर की कवयित्रियों ने प्रेम, देशभक्ति, नारी चेतना और अध्यात्म जैसे विविध विषयों पर अपनी भावपूर्ण रचनाएँ प्रस्तुत कीं।
विशेष गौरव की बात यह रही कि कानपुर की साहित्यकार डॉ. सुषमा सेंगर ने मंच पर पौने दो घंटे तक काव्य पाठ कर सभी का मन मोह लिया और शहर का मान बढ़ाया।

प्रमुख प्रतिभागिनी
सम्मेलन में राष्ट्रीय कवयित्री सुफलता त्रिपाठी (लखनऊ), डॉ. सुषमा सेंगर (कानपुर), शेफालिका झा (बिहार), दिव्या मीरा (लखनऊ), मनीषा जोशी (नोएडा), इशरत सुल्ताना (लखनऊ), सीमा मिश्रा (सीतापुर), स्वाति गोयल (गाज़ियाबाद), रोशनी कुंवर (उत्तराखंड), अंजलि डुडेजा (दिल्ली), सुमन श्री मिश्रा (भोपाल) सहित 100 से अधिक कवयित्रियों ने मंच को अपनी रचनाओं से गुंजायमान किया।
समापन और सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर कपिलश फाउंडेशन की अध्यक्ष शिप्रा खरे ने साझा काव्य संग्रह “कवयित्री कलश” का विमोचन किया। द बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के जज समीर सिंह ने स्थल पर आकर नियमों का निरीक्षण किया और प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र, मेडल और ट्रॉफी देकर रिकॉर्ड को आधिकारिक मान्यता प्रदान की।
इस अवसर पर पूर्व विधायक विनय तिवारी, बजाज हिंदुस्तान शुगर के वाइस प्रेसिडेंट अवनि पाण्डेय, डॉ. उमेश वर्मा, सुधीर अवस्थी और अन्य गणमान्य अतिथि कवयित्रियों का उत्साहवर्धन करते रहे।
कपिलश फाउंडेशन की भूमिका
स्व. कपिल देव खरे की स्मृति में स्थापित कपिलश फाउंडेशन (2017) साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में कई विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर चुका है। संस्था की अध्यक्ष शिप्रा खरे के नेतृत्व में यह संगठन लगातार सामाजिक चेतना, महिला सशक्तिकरण और साहित्यिक परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।



