आज़म ख़ान बोले – “मुझे राजनीतिक प्रतिशोध का निशाना बनाया गया, कभी किसी के साथ अन्याय नहीं किया”

- शालिनी शर्मा
लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आज़म ख़ान जेल से रिहाई के बाद पहली बार खुलकर बोले। सीतापुर जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बनाया गया।
आज़म ख़ान ने मीडिया से कहा, “प्रतिशोध तभी होता है जब मैंने किसी के साथ गलत किया हो। लेकिन मैंने तो अपने विरोधियों तक से अच्छा व्यवहार किया है। कोई यह दावा नहीं कर सकता कि मैंने किसी के साथ अन्याय किया है।”
उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल होने की अटकलों को भी खारिज किया और कहा कि, “ये बातें केवल अफवाह हैं। जेल में मुझे किसी से मिलने या फोन करने की इजाज़त नहीं थी। पिछले 5 साल से मैं पूरी तरह संपर्क से बाहर था।”
क्वालिटी बार भूमि अतिक्रमण मामले में जेल गए आज़म ख़ान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद रिहाई मिली थी।
इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज़म ख़ान की रिहाई पर खुशी जताई और कहा कि अगर सपा की सरकार बनी तो उनके खिलाफ दर्ज सभी “झूठे मुकदमे” वापस लिए जाएंगे। अखिलेश यादव ने कहा, “हम समाजवादियों को भरोसा था कि अदालत न्याय करेगी। आज़म ख़ान की रिहाई हमारे लिए खुशी की बात है। भाजपा सरकार ने उन्हें सैकड़ों झूठे मामलों में फंसाया था, लेकिन सच की जीत हुई।”
सपा महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने भी आज़म ख़ान की रिहाई को “लोकतंत्र और न्याय की जीत” बताते हुए योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने साज़िश के तहत आज़म ख़ान को लंबे समय तक जेल में रखा, लेकिन अदालत ने उन्हें राहत दी।



