झांसी विश्वविद्यालय विवाद: समाजवादी युवजन सभा के सात कार्यकर्ता जेल भेजे गए

- अमन कुमार
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में पूर्व केंद्रीय मंत्री पर जूता फेंकने के विवाद ने राजनीतिक और छात्र संगठन के बीच तनाव बढ़ा दिया है। नवाबाद थाना पुलिस ने इस मामले में समाजवादी युवजन सभा के सात कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई पर एकपक्षीय होने के सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि घटना के समय जूता फेंकने वाले छात्र के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घटना तब हुई जब पूर्व रक्षामंत्री और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि का आयोजन बुविवि के सेमिनार हॉल में संपन्न हुआ। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सपा और कांग्रेसी नेताओं के निकलने के समय विश्वविद्यालय गेट पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के नेताओं के साथ विवाद हुआ। इस दौरान एक युवक ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य पर जूता फेंक दिया।
समाजवादी छात्रसभा के नेताओं का आरोप है कि ABVP के कार्यकर्ता बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे थे, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए अनुमति दी थी। इसके चलते दोनों पक्षों में काफी देर तक कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। इस दौरान कई युवकों को चोटें आईं और आसपास भगदड़ मच गई।

नवाबाद थाना पुलिस ने शिवम भास्कर की तहरीर के आधार पर दीप नारायण सिंह यादव, प्रदीप जैन आदित्य, जिशान रजा, धीरज यादव, शैलेंद्र बघेला, नरेश यादव, अमन यादव, अंकित यादव, सुधेश यादव, ऋषभ यादव, विश्व प्रताप यादव समेत 200 पीडीए कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। देर रात पुलिस ने सात मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इस मामले में स्वतंत्र और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग उठी है। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने यूपी के डीजीपी को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और सत्तापक्ष या विपक्ष से जुड़े सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ठाकुर ने कहा कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट है कि दोनों पक्षों ने कानून को हाथ में लिया और गंभीर आपराधिक कृत्य किए।
एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि मुकदमों की जांच जारी है और कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी। वहीं, पुलिस ने ABVP के नेताओं के साथ भी इस घटना के संबंध में विचार-विमर्श किया।



