CPR में तनाव प्रबंधन की भूमिका महत्वपूर्ण: डॉ. मनोज तिवारी

- रोशनी सिंह
वाराणसी। सीपीआर जागरूकता सप्ताह (13 से 17 अक्टूबर) के तहत आईएमएस, बीएचयू के फार्माकोलॉजी विभाग में प्रतिकूल दवा प्रतिक्रिया निगरानी केंद्र (ADR Monitoring Centre) द्वारा सीपीआर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. किरण गिरी के निर्देशन एवं डॉ. वेद प्रकाश (डिप्टी कोऑर्डिनेटर, पीवीपीआई एवं प्रोफेसर, फार्माकोलॉजी विभाग) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान डॉ. मुरलीधर, जूनियर रेजिडेंट ने सीपीआर (Cardiopulmonary Resuscitation) के तकनीकी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी। वहीं अवधेश कुमार यादव, फॉर्माकोविजिलेंस एसोसिएट ने प्रैक्टिकल मैनिक्योर डेमो के माध्यम से सीपीआर की विधि का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मनोज तिवारी, वरिष्ठ परामर्शदाता, एआरटी सेंटर, एसएस हॉस्पिटल, आईएमएस, बीएचयू ने कहा कि सीपीआर के दौरान तनाव प्रबंधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यदि व्यक्ति तनाव को नियंत्रित नहीं कर पाता, तो वह आपात स्थिति में प्रभावी सीपीआर नहीं दे पाता। उन्होंने आपात परिस्थितियों में मानसिक संतुलन बनाए रखने के व्यावहारिक उपायों पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन अवधेश कुमार सिंह ने किया जबकि अमोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर संतोष प्रजापति, अनिल यादव सहित बड़ी संख्या में जूनियर डॉक्टरों एवं पीएचडी स्कॉलर्स ने सक्रिय सहभागिता की।



