वंदे मातरम ने जगाई आज़ादी की लौ, अब 150वें वर्ष पर राष्ट्रव्यापी उत्सव – भाजपा

- दिव्या पाण्डेय
कानपुर नगर। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, भाजपा कानपुर उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित और कानपुर दक्षिण जिलाध्यक्ष शिवराम सिंह ने कहा कि “वंदे मातरम भारत का गीत नहीं, आत्मा का महामंत्र है।”
वे शुक्रवार को पार्टी कार्यालय, नवीन मार्केट में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम वह अमर स्वर है जिसने गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारत को आज़ादी की राह दिखाई। जब भी भारत माता पर संकट आया, यह गीत देशवासियों में नई ऊर्जा, साहस और एकता का संचार करता रहा।
उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल मातृभूमि की स्तुति नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति श्रद्धा, त्याग और समर्पण की भावना का प्रतीक है। यही कारण है कि स्वतंत्रता संग्राम के हर आंदोलन और बलिदान के पीछे यह गीत प्रेरणा स्रोत रहा।
इतिहास का उल्लेख करते हुए नेताओं ने बताया कि वंदे मातरम स्वदेशी आंदोलन का प्रमुख नारा था, जिसने बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, भगत सिंह और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान क्रांतिकारियों को प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने समय-समय पर वंदे मातरम को लेकर नकारात्मक रुख अपनाया, यहां तक कि 2019 में मध्य प्रदेश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सचिवालय में राष्ट्रगीत गाने पर प्रतिबंध तक लगा दिया था।
क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राष्ट्रव्यापी उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर पूरे देश में वर्षभर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में कानपुर महानगर में 7 नवम्बर को हजारों कार्यकर्ता और आमजन वंदे मातरम का सामूहिक गान करेंगे। इसके अलावा एक विशाल प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें वंदे मातरम की ऐतिहासिक एवं साहित्यिक यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा।
साथ ही सभी जिला मुख्यालयों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में निबंध, कविता एवं चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।
प्रेस वार्ता का संचालन जिला मीडिया प्रभारी अनुराग शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि सामूहिक गान का मुख्य कार्यक्रम 7 नवम्बर प्रातः 11 बजे, बीएनएसडी शिक्षा निकेतन, बेनाझाबर में आयोजित होगा।
इस अवसर पर विधायक महेश त्रिवेदी, सुरेन अवस्थी, कार्यक्रम संयोजक अनुपम मिश्र, अनुराग शुक्ला, सतेंद्र पांडेय, मनीष त्रिपाठी एवं प्रशांत त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।



