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बिहार पर ‘बाहरी नियंत्रण’ की साजिश, लेकिन जनता नहीं मानेगी: तेजस्वी यादव

  • संगम झा

पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता और महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी प्रसाद यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आयोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के “प्रभाव में काम कर रहा है” और पहले चरण के मतदान के आंकड़े अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

पटना में संवाददाता सम्मेलन में तेजस्वी ने कहा, “पहले चरण के मतदान के बाद आयोग तुरंत पुरुष और महिला मतदाताओं का प्रतिशत जारी करता था, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। आयोग ने अपना काम छोड़ दिया है और मोदी–शाह के नियंत्रण में है।”

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि चुनावी ड्यूटी पर तैनात 208 कंपनियां उन राज्यों से भेजी गई हैं, जहां भाजपा की सरकारें हैं, जबकि 68% पुलिस पर्यवेक्षक भी भाजपा शासित राज्यों से आए हैं।

राजद नेता ने कहा, “बिहार को बाहरी लोगों के जरिए नियंत्रित करने की कोशिश हो रही है, लेकिन बिहार की जनता इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। अमित शाह और उनके सहयोगी बिहार पर नियंत्रण चाहते हैं, लेकिन यह संभव नहीं होगा।”

प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा, “प्रधानमंत्री बिहार आए, लेकिन उन्होंने बेरोजगारी, पलायन, महंगाई या भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर कुछ नहीं कहा। उन्होंने अपने मंच को ऐसे लोगों से साझा किया जिनकी आपराधिक पृष्ठभूमि है — जैसे हुलास पांडे, आनंद मोहन, सुनील पांडे और मनोरमा देवी।”

तेजस्वी ने व्यंग्य करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता प्रधानमंत्री इन दिनों कौन-सी वेब सीरीज देख रहे हैं। उन्होंने सम्राट चौधरी, डॉ. दिलीप जायसवाल और मंगल पांडे जैसे नेताओं पर कोई टिप्पणी नहीं की, बल्कि पटना में सृजन घोटाले के आरोपी विपिन शर्मा से मुलाकात की।”

महागठबंधन की जीत का दावा करते हुए तेजस्वी ने कहा, “बिहार में हमारी सरकार बनने जा रही है। अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिणाम 14 नवंबर को आएंगे और हम 18 नवंबर को शपथ लेंगे। सरकार बनने के दो महीने के भीतर सभी अपराधियों को जेल भेजा जाएगा।”

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