‘जी राम जी बिल–2025’ विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य

- अंकित बाजपेई
कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि “जी राम जी बिल–2025” विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक दूरदर्शी और ऐतिहासिक कदम है। वे मंगलवार को कानपुर सांसद रमेश अवस्थी के पुत्र के आशीर्वाद समारोह में शामिल होने के बाद चंद्रशेखर आज़ाद कृषि विश्वविद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह विधेयक ग्रामीण भारत को विकसित, आत्मनिर्भर, आधुनिक और टिकाऊ बनाने में मील का पत्थर साबित होगा। इसके माध्यम से गांवों को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से सशक्त किया जाएगा, जिससे विकसित भारत–2047 के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।
मनरेगा को किया गया और अधिक सशक्त
श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि मनरेगा योजना को समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि इसमें सुधार कर इसे और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि—
- मनरेगा के अंतर्गत रोजगार की गारंटी पहले की तरह जारी रहेगी।
- रोजगार कार्डधारकों को 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
- रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देना यथावत रहेगा।
- मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाएगा।
- 100 दिनों के रोजगार को बढ़ाकर अब 125 दिन कर दिया गया है।
- रोजगार एक कानूनी अधिकार है, इसलिए समय पर कार्य न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा।
- अधिनियम के उल्लंघन पर लगने वाली पेनल्टी ₹1,000 से बढ़ाकर ₹10,000 कर दी गई है।
गांवों के विकास के दायरे में विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पहले मनरेगा के तहत स्कूलों में केवल बाउंड्री वॉल निर्माण की अनुमति थी, लेकिन अब किचन शेड, लैबोरेट्री और अन्य आवश्यक संरचनाओं के निर्माण की भी अनुमति दे दी गई है। साथ ही कृषि कार्यों की अनिवार्यता को हटाकर विकास कार्यों में अधिक लचीलापन दिया गया है।
डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था पर जोर
ग्रामीण विकास को और प्रभावी बनाने के लिए पीएम गति शक्ति, GIS और आधुनिक आईटी टूल्स का उपयोग किया जाएगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत योजना को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है, जिसमें—
- बायोमेट्रिक सिस्टम
- GIS मैपिंग
- मोबाइल एप
- फेस रीडिंग तकनीक
का उपयोग किया जाएगा।
विपक्ष पर साधा निशाना
एक सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बिहार चुनाव परिणामों के बाद से अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “2027 तो दूर, 2047 तक भी वे सत्ता के आसपास नहीं पहुंच पाएंगे।”
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, मानवेंद्र सिंह, सलिल विश्नोई, सुरेंद्र मैथानी, नीलिमा कटियार, विधायक राहुल ‘बच्चा’ सोनकर, प्रमिला पांडे, जिला अध्यक्ष अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, उपेंद्र पासवान, अनूप अवस्थी, अनुराग शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहे।



