CM योगी आदित्यनाथ ने ‘विमुक्त जाति दिवस समारोह’ में प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया


वर्ष 1947 में देश के स्वतंत्र होने के बावजूद वर्ष 1952 तक यह जनजातियां क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट-1871 से प्रताड़ित होती रहीं। 31 अगस्त, 1952 को बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर के प्रयासों से इन जनजातियों को इस एक्ट से मुक्ति प्राप्त हुई। क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट से मुक्त होने के पश्चात इन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हुआ।
- अनुराधा सिंह
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विमुक्त एवं घुमन्तू जातियों के कल्याणार्थ आयोजित ‘विमुक्त जाति दिवस समारोह’ में हिस्सा लिया और इन समुदायों से जुड़े प्रतिभाशाली युवाओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य सरकार हर स्तर पर इन जातियों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजाति समुदाय ने देश पर विभिन्न कालखण्डों में होने वाले हमलों का प्रतिरोध करते हुए अपने पराक्रम का लोहा मनवाया। परिस्थितियों के कारण पलायन करने वाले परिवारों के घर-बार नष्ट हो जाने के बावजूद उन्होंने अपनी पहचान और संस्कृति को संरक्षित रखा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विमुक्त व घुमन्तू जातियों की शिक्षा के लिए 09 जनपदों में जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के 101 आश्रम पद्धति विद्यालयों में इन जातियों के विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था है।
विभिन्न जनपदों में इन समुदायों की आजीविका सुनिश्चित करने हेतु भूमि आवंटन, कृषि योग्य भूमि और विद्यालयों की स्थापना राजकीय उन्नयन बस्ती के नाम से की गई है। वनटांगिया समुदाय को राजस्व गांव का दर्जा, मताधिकार, पक्के मकान, स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र और अस्पताल जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने नट, बंजारा, बावरिया, शासी, कंजर, कालबेलिया, सपेरा, जोगी आदि वंचित जनजातियों के लिए घुमन्तू जनजाति बोर्ड के निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रजापति और निषाद समुदायों के कल्याण के लिए विशेष योजनाएँ चल रही हैं।

प्रदेश सरकार ने महाराजा सुहेलदेव के नाम पर बहराइच में स्मारक और आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण कर इन जातियों की सामाजिक एवं शैक्षिक उन्नति सुनिश्चित की है। हाल ही में सम्पन्न यूपी पुलिस भर्ती में घुमन्तू जातियों से जुड़े युवक और युवतियां चयनित हुए हैं।
इस अवसर पर मत्स्य मंत्री संजय निषाद, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री नरेन्द्र कश्यप तथा समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।



