सपा अध्यक्ष ने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने और हर बूथ पर बायोमेट्रिक मशीन लगाने की उठाई मांग, चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर मतदाता सूची में कथित हेराफेरी और वोट चोरी की कोशिश करने का आरोप लगाया है। सोमवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मतदाता सूची की पड़ताल के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से अनियमितताओं की जानकारी सामने आ रही है। उन्होंने दावा किया कि सरोजनीनगर, आजमगढ़ और पीलीभीत समेत विभिन्न क्षेत्रों में मतदाता सूची को लेकर अलग-अलग तरह के मामले सामने आए हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि मतदाता सूची की जांच के दौरान एक ही नाम की कई जिलों में प्रविष्टियां होने की जानकारी भी सामने आई है। उन्होंने मतदाता सूची को आधार से जोड़ने की मांग करते हुए कहा कि सूची में सुधार के साथ-साथ प्रत्येक मतदान केंद्र पर बायोमेट्रिक जांच की व्यवस्था होनी चाहिए। उनके मुताबिक, तकनीक के इस्तेमाल से एक ही व्यक्ति के नाम पर कई प्रविष्टियों की पहचान करने और मतदाता सूची की कमियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार और तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल की जरूरत है। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके माध्यम से वोट फिक्सिंग की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची की गड़बड़ियों को दूर नहीं किया गया तो चुनाव आयोग के प्रति आम जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से न छूटे और किसी व्यक्ति के नाम पर एक से अधिक गलत प्रविष्टियां न हों। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसके पास मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। तकनीक का उपयोग कर मतदाता सूची की कमियों को दूर किया जाना चाहिए।

मतदाता सूची में कथित दोहराव के उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव ने सुनीता पत्नी राजेश और राजकुमारी पत्नी राजकुमार नाम की मतदाताओं का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि सुनीता के नाम की एक जिले में 420 और प्रदेश की मतदाता सूची में कुल 2,341 प्रविष्टियां मिली हैं। इसी तरह, राजकुमारी के नाम की 315 और प्रदेशभर की सूची में कुल 1,627 प्रविष्टियां होने का दावा किया। इन आंकड़ों के आधार पर उन्होंने मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
अखिलेश यादव ने पंचायत चुनाव नहीं कराए जाने को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव न कराए जाने के पीछे मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के उजागर होने का डर हो सकता है। उन्होंने कहा कि गांवों में प्रधान और प्रधान पद के प्रत्याशी मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से पहचानते हैं, इसलिए वहां ऐसी अनियमितताओं की पहचान करना आसान हो सकता है।
संवैधानिक संस्थाओं पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए संस्थाओं की निष्पक्षता आवश्यक है। उन्होंने देश की एकता, भाईचारे और संविधान की रक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सामाजिक सद्भाव बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।
घुसपैठियों से जुड़े सवाल पर अखिलेश यादव ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा विभिन्न राज्यों के चुनावों में घुसपैठियों का मुद्दा उठाती है, लेकिन यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि घुसपैठियों की पहचान किस आधार पर की जा रही है और उनकी सूची कहां है। उन्होंने इस मुद्दे पर पारदर्शिता की आवश्यकता जताई।
अखिलेश यादव ने चीन की सीमा से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार की सुरक्षा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रोजगार, आरक्षण और कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार की आलोचना की। उत्तर प्रदेश में अपराध, महिलाओं के खिलाफ घटनाओं और हिरासत में मौतों का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने गोरखपुर में जेल में हुई एक मौत का उल्लेख करते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
सपा अध्यक्ष ने आपत्तिजनक पोस्टर और राजनीतिक प्रचार को लेकर भी भाजपा पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पोस्टरों के माध्यम से अपमान और दुष्प्रचार करने की कोशिशों का पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) वर्ग पर उलटा असर पड़ सकता है। उन्होंने भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए दावा किया कि 17 हजार करोड़ रुपये के ठेकों में कथित तौर पर कमीशन लेकर कामकाज प्रभावित किया गया। उन्होंने बिल्डरों के साथ सरकार की मिलीभगत का आरोप भी लगाया। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
अधिवक्ताओं के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान न्यायालय भवनों और अधिवक्ताओं के चैंबरों के निर्माण से जुड़े कार्य किए गए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में भी अधिवक्ताओं के हितों के लिए काम करेगी और उनके लिए चैंबर बनवाने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।


