
सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी करने और आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने का दिया भरोसा, वाल्मीकि समाज को आवासों पर मालिकाना हक देने की भी कही बात
- अखिलेश कुमार अग्रहरि
लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर लखनऊ समेत पूरे उत्तर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर आदिकवि महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्य कार्यक्रम सपा प्रदेश मुख्यालय स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया सभागार में आयोजित हुआ। यहां पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस अवसर पर अखिलेश यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान इस अवसर पर सार्वजनिक अवकाश होता था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महर्षि वाल्मीकि जयंती पर फिर से सार्वजनिक छुट्टी घोषित की जाएगी और बड़े स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अखिलेश यादव ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस व्यवस्था के कारण नौकरियों में आरक्षण के अधिकार प्रभावित हुए हैं और कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। संविदा सफाई कर्मचारियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नेताजी मुलायम सिंह यादव ने अपनी सरकार के दौरान उनके हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए थे।
सपा अध्यक्ष ने सफाई कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने का भरोसा देते हुए कहा कि पार्टी के आगामी घोषणा पत्र में इस वर्ग के हितों से जुड़ी कई योजनाएं शामिल की जाएंगी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अखिलेश यादव ने वाल्मीकि समाज की आवासीय समस्याओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जिन कॉलोनियों में समाज के लोग रह रहे हैं, उनके लिए योजना बनाकर निवासियों को मालिकाना हक दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गरीब परिवारों को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने की योजना बनाई जाएगी।
कार्यक्रम में जुगल किशोर वाल्मीकि, सुरेंद्र वाल्मीकि, पार्षद अरुण वाल्मीकि, कुनाल वाल्मीकि, प्रदीप कनौजिया और विदित वाल्मीकि सहित अन्य लोगों ने महर्षि वाल्मीकि को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में महर्षि वाल्मीकि के विचारों और सामाजिक योगदान को याद किया गया।


