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अखिलेश यादव की मौजूदगी में सपा में शामिल हुए कई दलों के नेता, भाजपा-बसपा समेत कई पार्टियों को झटका

पूर्व सांसद राजपाल सैनी समेत कई नेताओं ने थामा समाजवादी पार्टी का दामन, शिवपाल सिंह यादव, हरेंद्र मलिक और इकरा हसन की मौजूदगी में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर जताया भरोसा।

  • अखिलेश कुमार अग्रहरि

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व और पार्टी की नीतियों में आस्था व्यक्त करते हुए भाजपा, बसपा, आजाद समाज पार्टी, निषाद पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े कई नेता अपने समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में पूर्व सांसद राजपाल सैनी समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई राजनीतिक चेहरे शामिल रहे। सपा नेतृत्व ने सभी नए सदस्यों का स्वागत किया।

समाजवादी पार्टी में शामिल होने वालों में पूर्व सांसद राजपाल सैनी, पूर्व सांसद श्यामाचरण गुप्ता के पुत्र विदुप अग्रहरि, बदायूं निवासी भाजपा नेता रवि प्रताप सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हरवीर मलिक, पूर्व मंत्री रियाज अहमद के पुत्र एवं बसपा के पूर्व पीलीभीत विधानसभा प्रत्याशी शाने अली और गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र से बसपा के प्रत्याशी रहे ठाकुर नंद किशोर पुंडीर प्रमुख हैं। इनके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी के प्रभारी कमल गौतम ने भी सपा की सदस्यता ग्रहण की।

इसी क्रम में शामली के निषाद पार्टी नेता षोकेन्द्र आचार्य, राष्ट्रीय लोकदल से जुड़े संजीव प्रधान, राजेंद्र मलिक, बिजेंद्र मलिक और शुभम मलिक भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। शामली के राजेंद्र सिंह और खतौली विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी सिवान सैनी ने भी पार्टी का दामन थामा। इन नेताओं के साथ बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी समाजवादी पार्टी में शामिल हुए।

अखिलेश यादव ने पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों का स्वागत करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग आपस में जितना प्रेम बढ़ाएंगे और एक-दूसरे के प्रति जितना अपनापन रखेंगे, पीडीए परिवार उतना ही मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी से विभिन्न समाजों के लोग जुड़ रहे हैं, जिससे संगठन की ताकत बढ़ रही है।

अखिलेश यादव ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले नेताओं के साथ पाल, कश्यप, प्रजापति और दलित समाज के लोग भी आए हैं। उन्होंने पुराने कार्यकर्ताओं के साथ नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में नेताओं के शामिल होने की अभी शुरुआत हुई है।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पिछले कई दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रभावशाली लोग लगातार पार्टी में शामिल हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का कारवां तेजी से आगे बढ़ रहा है। शिवपाल यादव ने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में प्रदेश की जनता, किसान, गरीब और नौजवान अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनाएंगे। उन्होंने पूर्व सांसद राजपाल सैनी सहित पार्टी में शामिल हुए सभी नेताओं का स्वागत किया।

मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि उत्तर प्रदेश का कमेरा वर्ग, पीडीए, किसान, नौजवान और छात्र समाजवादी पार्टी तथा अखिलेश यादव की ओर उम्मीदों से देख रहे हैं। उन्होंने गन्ना किसानों के लिए अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में दिए गए 50 रुपये के बोनस का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसान इसे नहीं भूल सकते। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान और कमेरा समाज समाजवादी पार्टी को अधिक सीटें जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कैराना की सांसद इकरा हसन ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान, छात्र, नौजवान, मजदूर और व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए और किसान भाजपा के अन्याय एवं उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। इकरा हसन ने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी को अधिक सीटें मिलेंगी और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनेगी।

समाजवादी पार्टी में शामिल हुए पूर्व सांसद राजपाल सैनी ने कहा कि जनता भाजपा सरकार से ऊब चुकी है। उन्होंने अखिलेश यादव के दोबारा मुख्यमंत्री बनने का विश्वास जताया। उनके सपा में शामिल होने को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

इस अवसर पर पीलीभीत के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, बदायूं के जिलाध्यक्ष आशीष यादव, मुजफ्फरनगर के जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, मेरठ के जिलाध्यक्ष कर्मवीर सिंह गूमी, गाजियाबाद के जिलाध्यक्ष फैसल हुसैन, बुलंदशहर के जिलाध्यक्ष मतलूब अली और हापुड़ के जिलाध्यक्ष आनंद गुर्जर उर्फ बबलू प्रधान सहित कई पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के समाजवादी पार्टी में शामिल होने के इस घटनाक्रम को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले संगठन के विस्तार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक आधार मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आगामी चुनाव में इसका कितना प्रभाव पड़ेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा।

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