
बाबूलाल चौराहे से अशोक लाट तक धरना-प्रदर्शन, छात्रों पर लाठीचार्ज और सरकार की नीतियों के खिलाफ की नारेबाजी
- राकेश कुमार
बांदा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को जंतर-मंतर, नई दिल्ली में छात्रों से मिलने के दौरान हिरासत में लिए जाने के विरोध में सोमवार को बांदा में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव नीलम गुप्ता के नेतृत्व में बाबूलाल चौराहे से बाजार, माहेश्वरी देवी मंदिर होते हुए अशोक लाट चौराहे तक पैदल मार्च और धरना-प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन करने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है। उनका कहना था कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है।
नीलम गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार पेपर लीक, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो रही और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग उठाई। बाद में जैसे ही अखिलेश यादव के रिहा होने की सूचना मिली, कार्यकर्ताओं ने “जेल का ताला टूट गया, शेर हमारा छूट गया” के नारे लगाए और प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
धरना-प्रदर्शन में समाजवादी पार्टी के पदाधिकारी, महिला सभा के कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।


