बारादेवी मंदिर से ट्रांसपोर्ट नगर तक निकली पदयात्रा, श्रद्धालुओं के बीच बांटे पर्चे; जूही नहरिया के पास चुनाव आयुक्त का पुतला दहन
- हरिओम गुप्ता
कानपुर नगर। कानपुर में कांग्रेस ने ‘वोट बचाओ–देश बचाओ’ मार्च निकालकर चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वोट चोरी के आरोपों को लेकर विरोध दर्ज कराया। कानपुर महानगर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में निकाला गया यह पैदल मार्च बारादेवी मंदिर से शुरू होकर ट्रांसपोर्ट नगर तक पहुंचा। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद जांगिड़ समेत बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
मार्च शुरू होने से पहले बारादेवी मंदिर के पास श्रद्धालुओं के बीच पर्चे वितरित किए गए। कांग्रेस की ओर से इन पर्चों के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और भारतीय जनता पार्टी पर लगाए गए वोट चोरी के आरोपों को लोगों तक पहुंचाया गया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव जगदीश चंद जांगिड़ ने अपने संबोधन में चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताएं हो रही हैं और इस मुद्दे पर देशभर में आवाज उठाने की जरूरत है। उन्होंने चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग भी रखी।
जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि नवरात्र के अवसर पर बारादेवी मंदिर से मार्च की शुरुआत कर लोगों के बीच कांग्रेस का संदेश पहुंचाया गया। उन्होंने लोगों से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मताधिकार की सुरक्षा के मुद्दे पर जागरूक होने की अपील की। पवन गुप्ता के मुताबिक, अगले दिन दिल्ली में आयोजित होने वाले प्रदर्शन में कानपुर से सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की योजना है।
मार्च के दौरान ट्रांसपोर्ट नगर में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 का सामूहिक पाठ किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान गाया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे मताधिकार के महत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा से जोड़कर प्रस्तुत किया।
इसके बाद जूही नहरिया के पास प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया। इस दौरान केंद्र सरकार, भाजपा और चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने प्रदर्शन के जरिए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मताधिकार की सुरक्षा की मांग उठाई।
नोट: भाजपा और चुनाव आयुक्त के खिलाफ वोट चोरी एवं चुनावी अनियमितताओं से जुड़े आरोप कांग्रेस नेताओं के बयानों पर आधारित हैं।


